आगरा-मथुरा से छिनी 167 करोड़ की पर्यटन योजनाएं, टीटीजेड ने नहीं दी अनुमति

Smart News Team, Last updated: Wed, 4th Aug 2021, 11:31 PM IST
  • आगरा और मथुरा के पर्यटन उद्योग को दिये जाने वाली 167 करोड़ रुपये की योजनाएं छीन ली हैं. वर्ल्ड बैंक की मदद से जलाई जा रही प्रो-पुअर टूरिज्म योजना में आगरा और मथुरा की जगह यह योजनाएं अब सारनाथ और कुशीनगर को दे दिया गया है.
आगरा और मथुरा के पर्यटन उद्योग को दिये जाने वाली 167 करोड़ रुपये की योजनाएं छीन ली हैं

आगरा:कोरोना वायरस के कारण आगरा का ताजमहल और यहां बने और भी कई पर्यटन पहले से ही बुरे दौर से गुजर रहे हैं. वहीं, हाल ही में सरकार की एक और मार आगरा और मथुरा के पर्यटन पर पड़ी है. दरअसल, प्रदेश सरकार ने आगरा और मथुरा के पर्यटन उद्योग को दिये जाने वाली 167 करोड़ रुपये की योजनाएं छीन ली हैं. वर्ल्ड बैंक की मदद से जलाई जा रही प्रो-पुअर टूरिज्म योजना में आगरा और मथुरा की जगह यह योजनाएं अब सारनाथ और कुशीनगर को दे दिया गया है.

बताया जा रहा है कि टीटीजेड अथॉरिटी और कई विभागों द्वारा 167 करोड़ के प्रोजेक्ट को आगरा-मथुरा व मथुरा को देने लिए अनुमति नहीं दी गई. इस बारे में बात करते हुए प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने महानिदेशक पर्यटन को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि आगरा-मथुरा में किए जाने वाले कार्य अब सारनाथ और कुशीनगर में कराए जाएंगे. प्रमुख सचिव ने इसके बारे में आगे बताया कि सारनाथ में 130 करोड़ रुपये और कुशीनगर में 37 करोड़ रुपये के पर्यटन विकास से जुड़े काम कराए जाएंगे.

बता दें कि आगरा में प्रो पुअर पर्यटन के तहत ताजमहल पश्चिमी गेट पार्किंग, विजिटर सेंटर पर 107 करोड़, ताज पूर्वी गेट ताजखेमा पर 15 करोड़, मथुरा में 11 कुंडो पर 35 करोड़, फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे. लेकिन इनकी जगह सारनाथ में विजिटर सेंटर, वेंडिंग जोन, आर्टिजन सेंटर, साइनेज, स्ट्रीट लाइटिंग, भूमिगत बिजली केबल, गोल्फ कार्ट, सीसीटीवी, वाईफाई, एलईडी आदि पर 130 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

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