आगरा

चमत्कार: आस खो चुके मां-बाप की वापस लौटी ‘सांस’, ढाई साल पहले अगवा हुआ बेटा मिला

Smart News Team, Last updated: 02/06/2020 09:07 PM IST
  • कभी-कभी खुशियां किस रूप में घर की चौखट पर दस्तक दे दें, यह कोई नहीं जानता। जो परिवार सालों परहले अपने घर के सबसे बड़े चिराग को वापस पाने की आस खो चुका था। आज ईश्वर ने उनकी झोली में वही बेटा वापस कर दिया।
अपरहरण की प्रतीकात्मक तस्वीर

कभी-कभी खुशियां किस रूप में घर की चौखट पर दस्तक दे दें, यह कोई नहीं जानता। जो परिवार सालों परहले अपने घर के सबसे बड़े चिराग को वापस पाने की आस खो चुका था। आज ईश्वर ने उनकी झोली में वही बेटा वापस कर दिया। दरअसल, केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड निवासी एक कारोबारी का दो साल पांच माह पहले लापता हुआ बेटा 31 अप्रैल को बटेश्वर के पास सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिल गया। किसी अनजान सूचना पर भरोसा करते हुए कारोबारी वहां पहुंचे। बेटे को घर लेकर आए। डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।

थाना न्यू आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड स्थित शील विहार कॉलोनी निवासी रामपाल सिंह यादव का 17 वर्षीय बेटा अभिषेक आठ दिसंबर 2017 को घर से लापता हो गया था। रामपाल पेशे से कारोबारी और भाजपा नेता है। बेटे के गुम हो जाने के बाद उन्होंने थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद आगरा से लेकर लखनऊ और दिल्ली में नेताओं और अधिकारियों के चक्कर लगाए। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। हर तीज त्योहार उनके परिवार के लिए फिका था।

सकड़ किनारे बेहोश मिला बेटा

राम पाल यादव ने बताया कि 30 अप्रैल को वह किसी काम से शहादरा में गए थे। जहां उनकी गाड़ी पर किसी ने पर्ची लगाई थी। पर्ची को खोलकर देखा तो उसमें बटेश्वर का पता लिखा था। बेटा मिलने की बात और घोषित इनाम देने की बात भी लिखी थी। रामपाल ने बताया कि पर्ची पर लिखे पते पर अपने रिश्तेदार के साथ पहुंचे। वहां जाकर देखा तो उनका बेटा सड़क किनारे अर्द्ध बेहोशी की हालत में मिला। बेटे को देख रामपाल वहीं गिर पड़े। जैसे-तैसे अपने आप को संभाला। इसके बाद उसे घर लेकर पहुंचे। इसके बाद पुलिस के अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।

हर मंदिर में माथा टेका, बस बेटा ही मांगा

राम और उनकी पत्नी अंजना यादव बेटे के लापता होने के बाद पूरी तरह से टूट गए थे। तीज त्योहारों पर घर में कोई रौनक नहीं रहती थी। राम पाल बताते हैं कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने ऐसा कोई मंदिर नहीं छोड़ा जहां माथा न टेका हो। अपना बेटा वापस मांगने के लिए दिन रात ईश्वर से कामना की।

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