मरीजों के लिए प्रशासन खोज रहा अस्पताल, ट्रेन के आइसोलेशन वार्ड हो रहे बेकार

Smart News Team, Last updated: 21/09/2020 08:01 PM IST
आगरा में कोरोना के बढ़ते मामलों के देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लेवल 1,2 और 3 के अस्पतालों में बेड बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. बेड की संख्या ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अस्पताल भी खोज रहे हैं. आगरा में ही रेलवे के 28 स्पेशल कोच का उपयोग नहीं हो रहा. इसका उपयोग करना इस समय अच्छा विकल्प हो सकता है.
रेल में कोरोना मरीजों के लिए आईसोलेशन को़च 

आगरा. आगरा में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को मद्देनजर रखते हुए लेवल 1,2 और 3 के अस्पतालों में बेड बढ़ाने की तैयारी हो रही है.  बेड ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने के लिए प्रशासन और स्वास्थय विभाग अस्पताल खोज रहे हैं. वैसे भारतीय रेलवे ने कोरोना को देखते हुए विशेष कोरोना कोच तैयार किए थे. इनका पिछले तीन महीनों से इस्तेमाल नहीं हो रहा. 

लाॅकडाउन में रेलवे ने सभी रेल मंडलों को कहा था कि ट्रेन के डिब्बों को कोविड-19 के मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड में बदल दिया जाए. इसी को देखते हुए आगरा के रेल‌ मंडल ने भी एक महीने के अंदर 28 आइसोलेशन कोच ट्रेन में बना लिए थे. हर कोच में 16 मरीज रह सकते थे. यानी की कुल 448 लोग रह सकते हैं.  इसको बनाने में रेलवे ने लाखों रुपये लगाए पर फिर भी यह आगरा कैंट स्टेशन पर बिना किसी उपयोग के खडे़ हुए हैं.

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पीआरओ एसके श्रीवास्तव का कहना है कि आगरा के 28 स्पेशल कोच पूरी तरह तैयार हैं. अगर जिला प्रशासन कहेगा तो यह कोच कोरोना के मरीजों के उपयोग  के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा. कोरोना को देखते हुए जब पूरे देश में लाॅकडाउन लगाया गया था. इस दौरान ट्रेन नहीं चल रही थी. इस बीच रेलवे ने स्पेशल कोच बनाए थे.

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आगरा में कोरोना के हर रोज 100 से नए मामले आ रहे हैं.  रविवार को सबसे ज्यादा 144 नए कोविड-19 संक्रिमत मिले. इस दौरान इस वायरस से एक को अपनी जान भी गंवानी पड़ी. आगरा में अब तक कुल 4 हजार 850 लोग कोरोना संक्रिमत हो चुके हैं. इनमें से 3 हजार 852 ठीक हो चुके हैं, अब तक कुल 118 मरीजों की मौत हो चुकी है और एक्टिव मामले 880 है. 

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