आगरा: सरकारी मदद की आस में पाई-पाई के लिए मोहताज हुई एसिड अटैक पीड़िता

Smart News Team, Last updated: Thu, 7th Jan 2021, 1:23 PM IST
  • आगरा में एसिड अटैक पीड़िता सरकारी मदद की आस में पाई-पाई के लिए मोहताज हो गई है. एसिड अटैक पीड़िता की सरकारी मदद के लिए भेजी गई फाइल विभाग में पड़ी हुई है, लेकिन प्रशासन की और से अभी तक पीड़िता के लिए किसी भी तरह की सुनवाई नहीं की गई है.
 सरकारी मदद की आस में पाई-पाई के लिए मोहताज हुई एसिड अटैक पीड़िता

आगरा:आगरा में एसिड अटैक पीड़िता सरकारी मदद की आस में पाई-पाई के लिए मोहताज हो गई है. एसिड अटैक पीड़िता की सरकारी मदद के लिए भेजी गई फाइल विभाग में पड़ी हुई है, लेकिन प्रशासन की और से अभी तक पीड़िता के लिए किसी भी तरह की सुनवाई नहीं की गई है. हैरान करने वाली बात तो यह है कि दो बच्चों के साथ एसिड अटैक पीड़िता को घर चलाना इतना मुश्किल हो गया है कि घर में एक टाइम का खाना बंद करने की भी नौबत आ गई है.

एसिड अटैक पीड़िता को पैसों की कमी के कारण पहले दूध बंद करना पड़ा और अब स्थिति खाना बंद करने की हो रही है. ऐसे में पीड़िता ने मदद के लिए अधिकारियों से गुहार भी लगाई है. बता दें कि निशा की शादी साल 2015 में मुकेश वर्मा से हुई थी. वह आए दिन शादी के बात पत्नी से लड़ाई झगड़ा करता था. अप्रैल महीने में साल 2019 में पीड़िता और उसके पति में किसी बात को लेकर बहस हो गई, जिससे गुस्से में आकर मुकेश ने पीड़िता के सिर पर तेजाब उड़ेल दिया.

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पति की इस हरकत से महिला का पूरा चेहरा और शरीर झुलस गया और वह दर्द में बुरी तरह से चीखने भी लगी. मामले को लेकर पड़ोस के लोगों ने महिला के मायके वालों को इसकी सूचना दी, जिससे मौके पर पहुंचते ही स्वजन ने महिला को एसएन अस्पताल में भर्ती कराया. पीड़िता के भाई ने उसके पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, जिसके बाद उसे जेवल भेज दिया गया. वहीं, पीड़िता को दिल्ली के सफदरजंग में रेफर कर दिया गया, जहां डेढ़ साल तक उसका इलाज चला.

एसिड अटैक पीड़िता को मिलने वाली सहायता के लिए उसकी फाइल महिला सहायता प्रकोष्ठ से प्रस्ताव तैयार करके संबंधित विभाग को भेज दी गई. लेकिन अभी तक फाइल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है. तीन महीने पहले उसके पिता की कैंसर से मौत हो गई, जिसके बाद से उसकी आर्थिक स्थिति और भी खराब हो गई है.

 

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