अब नकली पेट्रोल भी बनने लगा, आपकी गाड़ी में मिलावटी तेल तो नहीं?

Smart News Team, Last updated: 10/09/2020 11:52 AM IST
  • आगरा पुलिस ने शहर में बनाए जा रहे नकली पेट्रोल का पर्दाफाश किया है. पुलिस में कारोबारी सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पुलिस और भी अपराधियों की तलाश कर रही है.
नकली पेट्रोल कांड में पुलिस के साथ गिरफ्तार अपराधी

आगरा. आगरा पुलिस ने गोलकपुरा में बन रहे नकली पेट्रोल के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने इस कार्रवाई में कारोबारी सहित 8 लोगों को जेल भेजा है.

दरअसल गोलकपुरा में सॉल्वेंट में मिलावट करके पेट्रोल बनाया जाता था. यह सॉल्वेंट सिकंदरा के एडवांस रेल कॉर्पोरेशन फैक्ट्री के मालिक विवेक वाधवा से खरीदा गया था. पुलिस ने विवेक पर भी कार्रवाई की है. इसके साथ ही पुलिस ने 8 लोगों को भी इस मामले में गिरफ्तार किया है. कुछ लोग अभी फरार हैं जिनकी भी पुलिस तलाश कर रही है.

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एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि स्वॉट टीम को जानकारी मिली की कुछ लोग टेंपो में दमोह में भरकर नकली पेट्रोल ले जा रहे हैं. इसके बाद लोहा मंडी पुलिस के साथ लोडर टेंपो को पकड़ा गया. टेंपो में 5 ड्रम थे जिनमें करीब 11 सौ लीटर नकली पेट्रोल था. पुलिस ने मौके से राहुल नगर बोदला निवासी वसीम, अजीम और बुजपुरी रोड के राकेश को गिरफ्तार किया है.

जब पुलिस ने इन 3 लोगों से पूछताछ की तो पूछताछ में वसीम ने बताया कि लायंस कॉलोनी के विवेक वाधवा की सिकंदरा में फैक्ट्री है. वह उनके यहां से सॉल्वेंट खरीद कर लेकर आता था. इसके बाद साल्वेंट में मिलावट करके पेट्रोल तैयार किया जाता था. यह पेट्रोल देहात क्षेत्र में बेचा जाता है.1 लीटर नकली पेट्रोल बनाने में 36 रुपये की लागत लगती है. इसके बाद 52 रुपये लीटर में यह बिक जाता है इस तरह से 1 लीटर पेट्रोल पर 16 रुपये का मुनाफा होता है.

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वही पूछताछ में अजीत ने बताया कि वह टेंपो चालक है जो माल लाने और ले जाने का काम करता है. राकेश का कहना है कि वह हेल्पर है.इन आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने सिकंदरा स्थित विवेक वाधवा की फैक्ट्री पर दबिश दी. वहां से पुलिस में विवेक सहित पांच अपराधियों को पकड़ा है.

विवेक ने पुलिस को बताया कि वह कादला, गुजरात से हेक्सेन सॉल्वेंट और केरल से रबड़ खरीदता है। इसके बाद दोनों को मिलाकर 8 घंटे की प्रोसेसिंग के बाद चिपचिपा सॉल्यूशन बनता है जिसे एडेसिब बोलते हैं. इस एडेसिब को जूता फैक्ट्रियों में उपयोग में लिया जाता है. उसके पास एडेसिब का निर्माण का लाइसेंस है. वह सॉल्वेंट नहीं बेच सकता है लेकिन उसने सॉल्वेंट को गैर तरीके से बेचा था. इसके अलावा वह हेक्सेन खरीद सकता है लेकिन उसे बेच नहीं सकता है. पुलिस ने उसके इसी बयान के आधार पर मुकदमे में उसे अभियुक्त बनाया है. पुलिस ने फैक्ट्री से मनवीर, रामू सिंह, तोमर, पवन और बृजेश को भी गिरफ्तार किया है.

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इस मामले में एसएसपी का कहना है कि लोहा मंडी थाने में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अशोक कुमार मिश्र की शिकायत पर आवश्यक वस्तु अधिनियम और धोखाधड़ी की धारा के तहत इन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है. इसके अतिरिक्त सभी पक्षों को ध्यान में रखकर उन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा जो मिलावटी पेट्रोल खरीद कर बेचते हैं.

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