आगरा: चंबल में उफान, कई गांव का संपर्क तहसील मुख्यालय से कटा

Smart News Team, Last updated: 03/09/2020 07:18 PM IST
  • चंबल नदी का जलस्तर के कारण एक दर्जन गांव का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट गया है. तीन दिन से इन गांव में बिजली तक नहीं आई है. ऐसे में गांव वालों को अंधेरे और बाढ़ के पानी का खतरा बना हुआ है.
चंबल में बढ़े पानी के बीच गांव के लोग.

आगरा. चंबल नदी में आए उफान से जिले के लोग डरे हुए हैं. नदी का उफान देखकर लोग सहम गए हैं. चंबल नदी में बड़े जलस्तर के कारण एक दर्जन गांव का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट गया है. इन गांव में आवश्यक सेवाएं भी ठप हो गई हैं. वहीं तीन दिन से इन गांव में बिजली तक नहीं आई है. ऐसे में गांव वालों को अंधेरे और बाढ़ के पानी का खतरा बना हुआ है. गांव तक नदी का पानी पहुंचने से मगरमच्छों का खतरा भी बढ़ गया है. इसके साथ ही चंबल की खादर से निकलने वाले जहरीले सांप भी गांव वालों के दहशत का कारण बने हुए हैं. इसके साथ ही किसानों के हजारों बीघा फसल भी नदी के पानी में समा गया है. गांव वालों का कहना है कि हर साल की तरह इस साल भी बढ़े पानी से निपटने के लिए डीवीवीएनएल के पास कोई कार्य योजना नहीं है. 

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बता दें कि कोटा बैराज से सोमवार को 1.14 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया था. इससे धौलपुर में चंबल नदी खतरे का निशान पार कर गई. पिनाहट में भी नदी का पानी 126 मीटर तक पहुंच गया. इससे गुढा, गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा, भगवान पुरा, पुरा डाल, पुरा शिवलाल, पुरा उमरैठा, रेहा, कठियारा, वरेंडा, धौंधूपुरा, डगोरा, झरनापुरा, उदयपुर खुर्द आदि गांव का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया. रास्तों पर भी कमर तक पानी भर गया है. इससे तीन दिन से गांव में बिजली सप्लाई बंद है. ऐसे में ग्रामीण लालटेन, टॉर्च और मोमबत्ती के सहारे अपना जीवन काट कर रहे हैं. बिजली ना होने और अंधेरे के कारण नदी में बढ़ने वाला जलस्तर गांव वालों की नींद हराम कर रहा है.

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चंबल में उफान.

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ग्रामीणों का कहना हैं कि हर साल बाढ़ आने पर एक-एक महीने के लिए बिजली गायब रहती है. ऐसे अंधेरे में टॉर्च ही सहारा रहता है. उधर चंबल में बाढ़ के खतरे से 35 गांव में अलर्ट जारी कर दिया गया है. प्रशासन ने लेखपालों को गांव में ही ठहराव के निर्देश दिए हैं. वहीं आठ बाढ़ चौकियां भी स्थापित की गई हैं. उधर बिजली विभाग के देवेंद्र सिंह का कहना है कि जो गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं उनकी एहतियात के तौर पर बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है. उन्होंने बताया कि पानी के कारण गांव में करंट फैलने का खतरा रहता है. 

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