लॉकडाउन में चोरी-छुपे करा दी बच्चियों की शादी, अब प्रेग्नेंसी जान पर भारी

Smart News Team, Last updated: 13/07/2020 08:52 PM IST
  • लॉकडाउन के दौरान आगरा में कई बाल विवाह कराए गए। कई बालिका वधु अब गर्भवती होकर अस्पताल में चेकअप के लिए आ रही हैं। कम उम्र में उनकी प्रेंग्नेसी सेहत पर भारी पड़ रही है।
प्रतीकात्मक तस्वीर

आगरा. कम उम्र में शादी वर या वधु के लिए किसी भी श्राप से कम नहीं है। लेकिन कोरोना लॉकडाउन के दौरान कई परिजनों ने यही श्राप अपनी फूल सी बच्चियों को उनकी शादी कराकर दे दिया। कोरोना काल में चोरी-छुपे बाल विवाह तो लोगों ने करवा दिए लेकिन अब जब वे लड़कियां गर्भवती हुईं तो बात उनकी जान पर आ गई। इनमें कई लड़कियां अस्पताल में चेकअप के लिए गईं तो उनका आधार कार्ड देखकर परिजनों की करतूतों की सारी पोल पट्टी खुल गई।

गौरतलब है कि जिला महिला चिकित्सालय में काउंसलर रुबी बघेल और रेनु तोमर ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान मार्च से लेकर जून तक कई बालिकाओं की शादी हुई है। प्रशासन को जिनकी सूचना मिलती रही उनपर कार्रवाई हुई लेकिन कई शादियां फिर भी हो गईं। अब अस्पताल में जो गर्भवती आ रहीं हैं उनमें कई बालिका वधु भी शामिल हैं। जिनकी उम्र आधार कार्ड के हिसाब से महज 15 से 17 साल है।

17 साल के लड़के को फेसबुक पर हुआ प्यार, हकीकत पता चलने पर डिप्रेशन में चला गया..

अस्पताल में आई बालिका वधु 15 दिन से लेकर 2 महीने तक की गर्भवती हैं। अस्पताल की काउंसलर्स के अनुसार ये लड़कियां कई बीमारियों की शिकार हो रही हैं। जिनका इलाज लेडी लॉयल अस्पताल में इलाज चल रहा है।

स्कूटर तो कभी फ्रिज के लालच में ऑनलाइन ठगे जा रहे लोग, आप न हो जाएं अगला शिकार !

बता दें कि ताजनगरी आगरा में सर्वाधिक बाल विवाह होने को लेकर बाल आयोग ने नोटिस जारी किया था। 15 शादियों को चाइल्ड लाइन और ह्यूमेन ट्रेफिकिंग ने रुकवाया भी था। उसके बावजूद भी सर्वे में आगरा मंडल में सर्वाधिक बाल विवाह हुए।

गुटखा तलब में अस्पताल से भागा कोरोना संक्रमित, पकड़ने को दौड़े डॉक्टर और स्टाफ

अब प्रेग्नेंसी के समय इन सभी बच्चियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इनमें कई बाल वधुओं को कम उम्र में गर्भवती होने की वजह से एनिमिक, बीपी, गर्भावस्था में रक्तस्राव, तनाव, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, जेस्टेशनल डायबिटीज, वजन कम होना, स्किन संबंधी जैसे कई तरह की परेशानियां हो रहीं हैं।

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें