आगरा: सड़क किनारे खाने वाले ‘चटोरे’ ना बन जाएं कोरोना संक्रमण का कैरियर

Smart News Team, Last updated: 08/08/2020 09:50 AM IST
  • ताजनगरी में बाजारों में खाने-पीने की सड़क किनारें दुकानों पर रौनक तोह पहले जैसी लौटने लगी है लेकिन साथ में डर भी बन गया है कि यही लोग कोरोना के कैरियर न बन जाएं.
लोगों की लापरवाही बढ़ती जा रही है

आगरा में अनलॉक 3 शुरू होने के बाद बाजारों में गोल-गप्पे, बर्गर, चाइनीज तरह की तमाम चीजों की दुकानों पर भीड़ जुटनी शुरू होने लगी है. हालांकि जिस तरह लोगों की भीड़ अब पहुंचने लगी है उससे कोरोना का खतरा भी बढ़ने लगा है क्योंकि ताजनगरी में लॉकडाउन में ढील तोह बेशक मिल गई लेकिन कोविड-19 के संक्रमितों की संख्या में तेजी के साथ बढ़ती जा रही है. डर है कि यही सड़क किनारे खा-पी रहे लोग या इन्हें परोसने वाले दुकानदार ही कोरोना कैरियर न बन जाएं.

बाजारों का चटपटा खाना नंगे हाथों से परोसा जा रहा है जिससे न खाने वाले और न खिलाने वाले को कोई चिंता नजर आती है. दरअसल लॉकडाउन के बाद भी संक्रमण कम या खत्म नहीं हुआ है. वर्तमान में कोरोना के ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में अधिक सतर्कता की बजाए लोग लापरवाह हो गए हैं.

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सबसे ज़्यादा जानलेवा लापरवाही खानपान के मामले में की जा रही है. सबको ज्ञान है कि संक्रमण एक से दूसरे के शरीर में जाता है इसीलिए शारीरिक दूरी, मास्किंग, सेनेटाइजेशन जैसे सुरक्षा साधनों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है. लेकिन चटोरे लोग और उनका जायका बनाने वाले दोनों ही इसे पलीता लगाने में जुटे हैं. पिछले सप्ताह से लापरवाही बढ़ गई है. 

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करीब हर इलाके की कॉलोनियों में फास्ट फूड कार्नर, ठेलों पर नंगे हाथों से चाट परोसी जा रही है. कोई भी साफ-सफाई का ध्यान नहीं रख रहा. अगर ऐसा ही रहा तोह खतरनाक हो सकता है.

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खास बात है कि कोरोना की हालत भयावह होने के बावजूद सरकारी महकमा इस पर ध्यान नहीं दे रहा है. स्वास्थ्य विभाग के साथ खाद्य विभाग की जिम्मेदारी है कि ऐसे तत्वों को सख्ती से रोके जबकि शहर में होटल, रेस्टोरेंट बंद हैं. मास्क न पहनने वालों के चालान हो रहे हैं लेकिन खुलेआम नियमों का उल्लंघन करने वालों कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा.

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