कोरोना काल में अंधी लूट, 10 गुना ज्यादा एम्बुलेंस का किराया, जरा सी दूर के 15000

Smart News Team, Last updated: 27/07/2020 09:38 PM IST
  • आगरा में अवैध एंबुलेंस का धंधा किया जा रहा है. कोविड मरीज को शिफ्ट करने के लिए पांच किलोमीटर के 15 हजार रुपए वसूले. वैध एंबुलेंस के केवल 1500 रुपये लिए जाते हैं.
(प्रतिकात्मक फोटो)

कोरोना काल में आगरा में अवैध एंबुलेंस का धंधा जोर पकड़ गया है. इन एंबुलेंस को इस्तेमाल करने वालों को जमकर लूटा जा रहा है. सोमवार को एक एंबुलेंस ने कोविड मरीज को शिफ्ट करने के लिए 15 हजार रुपये वसूल लिए. ये केवल पांच किलोमीटर के लिए वसूले गए. इस पर मरीज के परिजनों और एंबुलेंस चालक में बहस हुई. 

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आगरा में ऑक्सीजन युक्त वैध एंबुलेंस किसी को शिफ्ट करने के अधिकतम 1500 रुपये लेती है. वहीं अवैध एंबुलेंस चालक अपनी मर्जी से कोई भी रकम मांगते हैं. इनका साथ अस्पताल वाले भी देते हैं. ऐसे में चालक से बहस होने के बाद भी मरीज के परिजनों को 15000 रुपए का भुगतान करना पड़ा क्योंकि अस्पताल, एंबुलेंस चालक के पक्ष में था. 

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सोमवार को भगवान टॉकीज के पास स्थित एक अस्पताल से कोविड मरीज को सिकंदरा के अस्पताल में शिफ्ट किया जाना था. अस्पताल संचालक ने इसके लिए अपनी जुगाड़ वाली एंबुलेंस बुलाई. मरीज को सिकंदरा के अस्पताल में शिफ्ट किया गया. इसके एवज में चालक ने 15 हजार रुपये मांगे. मरीज के परिजनों और चालक में इस पर बहस भी हुई. 

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बता दें कि वैध एंबुलेंस में कम पैसों में भी अच्छी सुविधा दी जाती है. इसमें ऑक्सीजन सुविधा के साथ ड्राइवर और पैरा मेडिकल स्टाफ पीपीई किट के साथ मौजूद रहते हैं. साथ ही मरीज लेने से पहले एंबुलेंस को सेनेटाइज किया जाता है. मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद भी एंबुलेंस का सेनेटाइजेशन होता है. 

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वहीं अवैध एंबुलेंस दूसरे जिलों की हैं जो यहां चलाई जा रही हैं. यहां तक की राजस्थान की तमाम एंबुलेंस आगरा से मरीजों को बाहर शिफ्ट कर रही हैं. एंबुलेंस एसोसिएशन ने जिला प्रशासन के साथ आरटीओ को कई बार लिखित में शिकायत की है लेकिन अभी तक इस मामले में कुछ भी नहीं हुआ है.

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