कोरोना से मौत ने उड़ा रखी है ताजनगरी की नींद, अनलॉक-2 में आगरा को कोई राहत नहीं

Smart News Team, Last updated: Wed, 1st Jul 2020, 9:44 AM IST
  • कोरोना अनलॉक-2 में आगरा को किसी प्रकार की राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। अनलॉक-1 के दूसरे पखवाड़े में संक्रमितों की संख्या भले ही कम रही हो, लेकिन मौत की संख्या बढ़ गई।
अनलॉक-2: आगरा को कोई राहत मिलने के आसार नहीं

कोरोना अनलॉक-2 में आगरा को किसी प्रकार की राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। अनलॉक-1 के दूसरे पखवाड़े में संक्रमितों की संख्या भले ही कम रही हो, लेकिन मौत की संख्या बढ़ गई। अब हॉटस्पॉट वाले इलाकों में सख्ती की जाएगी। बाजारों के देर तक खुलने पर भी रोक लगाई गई है। स्कूल-कॉलेज, सार्वजनिक समारोहों पर भी सख्ती बरकरार रहेगी।

अनलॉक-1 में भी सख्ती रही, लेकिन दो महीने बाद मिली छूट में लोग खूब घरों से निकले। नियमों का पालन भी कम ही किया। इसके चलते बड़ी संख्या में उनके चालान भी हुए। अभी भी स्थितियां सामान्य नहीं हुई हैं। संक्रमित केसों की संख्या भले ही पहले से कम हो गई हो, लेकिन अभी भी आठ से 15 संक्रमित तक मिल रहे हैं। खतरनाक बात ये है कि अभी भी मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। अनलॉक-1 के दूसरे पखवाड़े में संक्रमण के कारण काफी मौतें हुई हैं। कंटेनमेंट जोन की संख्या अभी भी 50 से ऊपर ही है।

जिला प्रशासन ने स्कूल-कॉलेजों को 31 जुलाई तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। ऐतिहासिक स्मारक और मंदिरों को खोले जाने पर अभी फैसला नहीं लिया गया है। इसी तरह होटल और रेस्टोरेंट खुले होने के बाद भी बंद जैसी स्थिति में ही हैं। लोग डर के कारण इनमें नहीं जा रहे हैं। प्रशासन अनलॉक-2 में ज्यादा सख्ती करने जा रहा है। कोरोना टास्क फोर्स का मानना है कि जुलाई में बारिश का मौसम होगा। उस स्थिति में अन्य बीमारियां भी होंगी। तब स्थिति और ज्यादा खराब हो सकती है।

इसलिए पहले से ज्यादा सख्ती करनी होगी। कोई भी बेवजह कहीं घूमता नजर नहीं आएगा। जरूरी काम से निकलने वाले व्यक्ति को हर हाल में मास्क लगाना ही होगा। इसी वजह से प्रशासन ने सैंपलिंग भले ही कम कर दी हो लेकिन अब पूल और रैंडमली सैंपलिंग पर ज्यादा फोकस करना शुरू कर दिया है। इसके लिए सार्वजनिक स्थलों से लेकर बसअड्डों और रेलवे स्टेशनों पर फोकस किया जा रहा है।

आइसोलेशन सेंटरों पर बेड बढ़ाने पर फोकस

जिला प्रशासन ने अब आइसोलेशन सेंटरों में बेड की क्षमता और ज्यादा बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। अभी तक 2241 बेड की क्षमता है। प्रशासन अब एक हजार बेड और बढ़ाने जा रहा है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा कि जुलाई का महीना सभी के लिए चुनौतीभरा है। इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। लगभग एक हजार बेड और बढ़ाए जा रहे हैं। साथ ही अनलॉक दो में पहले से ज्यादा सख्ती की जाएगी।

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