सावधान: आगारा में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, 24 घंटे में बढ़े 16 कंटेनमेंट जोन

Smart News Team, Last updated: 04/07/2020 06:27 PM IST
  • आगरा में कोरोना वायरस का कहर अपने पीक की ओर बढ़ रहा है। खतरनाक कोरोना ने फिर से रफ्तर पकड़ ली है। 24 घंटे में ही 16 कंटेनमेंट जोन बढ़ गए हैं।
आगरा में फिर बढ़ा कोरोना का खतरा।

आगरा में कोरोना वायरस का कहर अपने पीक की ओर बढ़ रहा है। खतरनाक कोरोना ने फिर से रफ्तर पकड़ ली है। 24 घंटे में ही 16 कंटेनमेंट जोन बढ़ गए हैं। बीता दो सप्ताह में जिस तरह से कोरोना के केस नियंत्रित हुए थे, अब फिर से संक्रमितों की संख्या में इजाफा होने लगा है। इसी तरह से कंटेनमेंट जोनों की संख्या बढ़ती रही तो कई चीजों पर ब्रेक लग सकता है। कोरोना टास्क फोर्स अनलॉक-2 में सख्ती करने की तैयारी में है।

पिछले दो सप्ताह से कंटेनमेंट जोन की संख्या में लगातार कमी आ रही थी। जिन क्षेत्रों में आने-जाने की बंदिशें थीं, उन्हें हटा दिया गया था। लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी थी। उन्हीं क्षेत्रों में फिर से संक्रमित केस मिलने से फिर से जोन बढ़ाने पड़े। यही नहीं कुछ नए इलाकों में भी संक्रमित केस मिलने लगे। इस पर वहां भी कंटेनमेंट जोन बना दिए गए। कुछ दिनों पहले तक जिले में कंटेनमेंट जोनों की संख्या 86 पहुंच गई थी। धीरे-धीरे कम करते हुए संख्या 52 तक आ पहुंची। ये संख्या एक दिन पहले तक 52 थी जो अब बढ़कर 68 तक जा पहुंची है।

जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा कि कोरोना टास्क फोर्स हर उतार-चढ़ाव पर नजर रखे हुए है। कंटेनमेंट जोन का बढ़ना ठीक नहीं है। इससे कई चीजें प्रभावित होती हैं। लगातार प्रयास हो रहा है कि कंटेनमेंट जोनों की संख्या को बढ़ने से रोका जा सके।

ये होता है कंटेनमेंट जोन

- जब किसी गली, कॉलोनी, इलाके या हाउसिंग सोसायटी में कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाया जाता है तो उसे सील कर दिया जाता है।

- इन जगहों पर लोगों को आवाजाही की इजाजत नहीं होती और वहां पर कंटेनमेंट जोन बनाकर कड़े प्रतिबंध लागू किए जाते हैं।

- जिस इलाके का निर्धारण कंटेनमेंट जोन के तौर पर किया जाता है उसके प्रवेश और निकास स्थानों पर बैरिकेडिंग की जाती है और वहां केवल आवश्यक सेवाओं की अनुमति होती है।

- प्रशासन द्वारा इन जोनों में दवाई के अलावा सेनेटाइजेशन की व्यवस्था की जाती है। जरूरी चीजों को लोगों को ऑनलाइन मुहैया कराई जाती है।

- कंटेनमेंट जोन की अवधि जरूरत के हिसाब से 14 और सात दिन का हो सकता है।

- प्रशासन द्वारा बनाई गई टीम थर्ड पार्टी सत्यापन कराती है कि वहां सारी व्यवस्थाएं हो रहीं हैं कि नहीं।

- कंटेनमेंट जोन में किसी तरह की गतिविधि पर प्रतिबंध रहता है। दुकानें भी नहीं खुलती हैं।

ऐसे बढ़ती-घटती रही जोनों की संख्या

29 जून----62

30 जून---54

1 जुलाई---52

2 जुलाई---52

3 जुलाई---68

 

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