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आगरा में अब कोरोना की खैर नहीं, कोविड-19 की चेन तोड़ेंगे ये छह IAS अधिकारी, कैसे

Smart News Team, Last updated: 24/06/2020 10:11 AM IST
  • कोविड-19 चेन तोड़ने और कंटेनमेंट जोनों में की गईं व्यवस्थाओं पर सबसे ज्यादा फोकस किया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी छह आईएएस अधिकारियों को सौंपी गई है। अब ये आईएसएस अधिकारी आगरा में कोरोना को खत्म करने की कमान संभाल रहे हैं।
आगरा को कोरोना मुक्त करने की जिम्मेदारी अब इन छह IAS अधिकारियों पर (फाइल फोटो)

आगरा में कोरोना वायरस का कहर इस कदर बढ़ता जा रहा है, जिसने प्रशासन के लिए भी चुनौती खड़ी कर दी है। अब आगरा में कोरोना वायरस संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए शासन-प्रशासन ने काट निकाल ली है। कोविड-19 चेन तोड़ने और कंटेनमेंट जोनों में की गईं व्यवस्थाओं पर सबसे ज्यादा फोकस किया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी छह आईएएस अधिकारियों को सौंपी गई है। अब ये आईएसएस अधिकारी आगरा में कोरोना को खत्म करने की कमान संभाल रहे हैं।

कोरोना कहर के बीच अब इन अधिकारियों को कोरोना वायरस के मरीज मिलने के बाद उन इलाकों में जाकर की गईं व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग करनी होगी। इस पर काम शुरू हो चुका है और अब निगरानी भी शुरू है। आगरा में तैनात तीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, दो एसडीएम को इस काम में लगाया गया है। ये सभी आईएएस अधिकारी हैं।

बताया गया कि मुख्य विकास अधिकारी भी रेंडमली चेकिंग करने के लिए कंटेनमेंट जोन पहुंचते हैं। उन्हें सभी अधिकारियों द्वारा वहां की रिपोर्ट से जिलाधिकारी को अवगत कराया जाता है। बाद में इस रिपोर्ट के आधार पर समीक्षा बैठक में और बेहतरी के लिए बातचीत की जाती है।

फिलहाल, आगरा में कोरोना की बात करें तो इसका भयवाह दौर जारी है। आगरा में 66 कंटेनमेंट जोन सक्रिय हैं। हालांकि, ये कंटेनमेंट जोन कोरोना मरीजों की संख्या के आधार पर घटते और बढ़ते रहते हैं। इन कंटेनमेंट जोन के 250 मीटर में 18 घंटे के अंदर जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश हैं। इन्हें कई विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। ये काम समय से हुए कि नहीं। इनको देखने के लिए इन आईएएस अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। यदि व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं मिलती हैं तो उनको पूरा कराने का भी काम इन्हीं अधिकारियों का ही है।

जांच में किन-किन बातों का रखा जाता है ध्यान

  • बेरीकेडिंग लगाई गई कि नहीं
  • रजिस्टर में आगंतुकों की इंट्री हो रही है कि नहीं
  • सेनेटाइजेशन कराया गया कि नहीं
  • दवाइयों का वितरण हुआ कि नहीं
  • सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है कि नहीं
  • इस इलाके में पुलिस की मौजूदगी
  • प्रभावित लोग क्वारंटाइन किए गए कि नहीं

इन अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी

-जे रीभा सीडीओ, रेंडमली चेकिंग का दायित्व

-डॉ. नंद किशोर, अमित काले, ज्वांइट मजिस्ट्रेट स‌ोमवार, मंगलवार

-अरुण मोझी एसडीएम, अरुण कौशिक, ज्वांइट मजिस्ट्रेट बुधवार, गुरुवार

-सौरभ गंगवार ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, शुक्रवार, शनिवार, रविवार

इस बाबत जिला अधिकारी प्रभू एन सिंह ने कहा कि जिले में छह आईएएस अधिकारियों को कंटेनमेंट जोन की व्यवस्थाओं को चेक कर उनमें सारी सुविधाएं दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी दी है। ये सभी लोग समय से निरीक्षण कर रिपोर्ट देते हैं। उसके आधार पर आगे की रणनीति तय होती है।

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