OLX पर जाओ और ठगी का शिकार हो जाओ, आगरा साइबर सेल का ऑनलाइन फ्रॉड का पर्दाफाश

Smart News Team, Last updated: 04/08/2020 08:20 PM IST
  • आगरा में ट्रांसपोर्ट के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक गिरोह का साइबर सेल ने पर्दाफाश किया. इस गिरोह के तीन सदस्यों को साइबर सेल ने दबोच लिया. साइबर सेल को अनुमान है कि इन्होंने करोड़ों की हेराफेरी की होगी.
पटना मेें MBA की छात्रा के साथ साइबर ठगी। (प्रतीकात्मक फोटो)

आगरा में साइबर सेल ने ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. ये उन लोगों से ठगी करते थे जो गूगल पर सर्च करके नंबर खोजकर इन्हें कुछ सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए फोन करते थे. दरअसल, ऑन लाइन सर्विसेज के लिए जस्ट डायल, ई ट्रक और ओएलएक्स पर ये अपने नंबर रजिस्टर्ड कराते और वहां से नंबर लेकर इन्हें फोन करने वालों को ये ठग लेते. 

साइबर शातिरों ने ऑनलाइन कई फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनियों का जाल बिछा रखा था. कई राज्यों के लोगों को ये ठग चुके थे. हाल ही में न्यू आगरा क्षेत्र के व्यापारी गिर्राज शर्मा ने लॉकडाउन के दौरान महाराष्ट्र से सस्ते दामों पर 16 टन प्याज मंगवाई. उन्होंने गूगल पर ट्रक भाड़े के लिए ट्रांसपोर्ट कंपनी सर्च की तो बहुत सस्ते दाम पर प्याज के लिए ट्रक भाड़ा उपलब्ध कराने का प्रलोभन दिया गया. उनसे गिरोह ने 50 हजार रुपये ठग लिए.

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इसी तरह न्यू आगरा क्षेत्र के ही प्रवीन अग्रवाल ने मुरैना से अलीगढ़ सस्ते दाम पर सरिया भेजने के लिए गूगल पर मोबाइल नंबर सर्च करके कॉल किया तो उनसे 12 हजार रुपये ठग लिए. इन दोनों व्यापारियों ने एसएसपी बबलू कुमार से शिकायत की थी. इसकी जांच साइबर सेल को सौंपी गई. जांच के बाद एत्मादुद्दौला के गुलाब नगर निवासी किशन सिंह, दीपक तोमर और चंदन नगर निवासी अतुल को गिरफ्तार कर लिया गया. गैंग में शामिल गुलाब नगर निवासी अखिलेश, अमित और गोविंद अभी फरार हैं.

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किशन सिंह गैंग का सरगना है. इनमें से अतुल पेट्रोल पंप पर काम करता था जो कार्ड स्वैप करके पेट्रोल पंप के खाते से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को कैश में बदल देता था. यह गैंग खाता धारकों से खाते किराए पर लेता है. पुलिस को गैंग के 28 खातों की जानकारी हुई है. जिन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कराई गई थी. इनमें नौ खाते चालू हैं और अधिकतर बंद हो चुके हैं.

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