रक्षाबंधन विशेष: 1081 बहनें चढ़ीं दहेज की बलि, भाईयों के अरमानों पर फिरा पानी

Smart News Team, Last updated: 03/08/2020 01:29 PM IST
  • देशभर में अभी भी कई ऐसे मामले हैं जिनमें दहेज के लोभियों ने या तो महिलाओं को मार दिया या प्रताड़ना के कारण महिलाओं ने खुद ही आत्महत्या कर ली. आगरा में भी ये केस बड़ी संख्या में रहे.
रक्षाबंधन विशेष: 1081 बहनें चढ़ीं दहेज की बलि, भाईयों के अरमानों पर फिरा पानी

भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन आज है. कोरोना संक्रमण के इस दौर में जहां एक-दूसरे से मिलना मौत को बुलावा देना है. उस दौर में भी भाई-बहन के पवित्र प्रेम को कोरोना छू नहीं पाया है. नये-नये कपड़े, रंग-बिरंगी राखियां, मिठाई, कुमकुम और आरती की थाल लिये बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध रही हैं. इस कोरोना ने कई भाई से बहनें बिछड़ गई तो कई बहनों के भाई को कोरोना ने निगल लिया. लेकिन आज हम ऐसे भाई-बहन के प्यार को दिखा रहे हैं. जिनकी बहनों को कोरोना नहीं बल्कि दहेज रूपी दानव ने निगल लिया. आज भी उनकी बहनों के हत्यारे कानून की शिकंजे से बाहर है. राष्ट्रीय क्राइम रिकार्ड ब्यूरो 2017 के आंकड़ों के अनुसार राज्य की 01 हजार 81 बेटियां दहेज की बलिवेदी पर चढ़ गई.

दो बहनों को मारकर नदी में फेंक दिया

नवादा कादिरगंज के राहुल कुमार की कलाई दो सालों से सुनी है. जब भी रक्षाबंधन आता है. वह सिर्फ रोता है. बड़े प्यार से बहन की शादी रेलवे के इंजीनियर से शादी की थी. बिहटा के सालिमपुर में बहन की शादी बड़े अरमानों से की थी. दो साल बाद ही एक बहन नहीं दो बहनों की अर्थी सजानी पड़ी. साल 2018 के 28 जनवरी को छोटी बहन बड़ी बहन के घर शादी में गई थी. बहन आईआईटी की तैयारी कर रही थी. शादी के बाद दोनों बहनों की मौत की सूचना मिली. पहले पता चला कि दोनों बहनें गुम हो गई. 48 घंटे बाद गंगा नदी में बहनों का सिर्फ कंकाल मिला. इस मामले का मुख्य आरोपित जीजा रवि कुमार की आजतक गिरफ्तारी नहीं हुई है. भाई हर दिन सालिमपुर थाने में फोन करके जानकारी मांगता है. लेकिन बहन को इंसाफ दिला सके, आज तक वह दिन नहीं आया है.

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सिर्फ मोटरसाइकिल के लिए बहन को जलाकर मार दिया

साल 2019 के 10 फरवरी को नौबतपुर के करारी दरियापुर में सुधीर कुमार की बहन लाडो को ससुराल वालों ने जलाकर मार दिया. बहन के जलने की सूचना गांव वालों ने दी. दस दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद बहन की सांसें रुक गई. उसकी बहन को सिर्फ मोटरसाइकिल के लिए मार दिया गया. आज रक्षा बंधन है. सबके घरों में खुशियां होंगी. वह बस बहन की बेटी को देखकर खुश होने की कोशिश करता है.

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