आगरा: परीक्षा नहीं दी फिर भी B.ED पास, जांच में बड़ा खुलासा, कई प्रमाणपत्र गलत

Smart News Team, Last updated: Mon, 7th Jun 2021, 4:13 PM IST
  • भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में सत्र 2004-05 के टैंपर्ड प्रमाणपत्र के मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने विशेष जांच दल द्वारा जांच करा कर कोर्ट में रिपोर्ट जमा करने को कहा था. जिसकी अवधि इसी माह पूरी हो रही है. 60% जांच पूरी हो चुकी है. सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि 95% प्रमाण पत्र टैंपर्ड हैं.
आगरा विश्वविद्यालय में बड़ा घोटाला, कई छात्र बिना परीक्षा दिए पास. 

आगरा. आगरा के भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में सत्र 2004-05 में बीएड किए 1084 छात्रों के प्रमाणपत्रों के टेंपर्ड होने की जांच के लिए हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए एक कमेटी गठित कर चार महीनों के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट जमा करने के आदेश दिए थे. विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक मित्तल ने इसके लिए एक विशेष जांच दल का गठन कर जांच के आदेश दिए. जिसके बाद फरवरी 2021 से ये चार सदस्यीय कमेटी टेम्पर्ड प्रमाणपत्रों के जांच में जुट गया.

कोर्ट के आदेश के अनुसार चार महीना इसी माह पुरा हो रहा है. जांच कमेटी ने भी अपनी जांच की रफ्तार को बढ़ा दिया है. विश्वविद्यालय जांच कमेटी की हर रोज बैठकें हो रही है. जांच के शुरुआती महीनों में जांच की रफ्तार काफी धीमी रही. 

बैठक भी नियमित रूप से नही चल रहा रही थी. माननीय कोर्ट के आदेश के अनुसार चार महीनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट जमा करना था. जो समय अवधि इसी महीने पूरा हो रहा है. इसको देखते हुए जांच की रफ्तार बढ़ाई गई. जिसके लिए कमेटी को चार सहायक भी दिए गए. ताकि इस महीने फिर से इस मामले पर कोर्ट द्वारा सुनवाई करने से पहले जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश किया जा सके. जिसके आधार पर कोर्ट सुनवाई करेगी. 

पति की इस लत से परेशान होकर पत्नी ने किया मर्डर, देवर पर लगाया झूठा आरोप

सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार 1084 प्रमाणपत्रों के जांच में लगभग 60 प्रतिशत छात्रों के अंको का मिलान फाइल और चार्ट से किया जा चुका है. जिसमें सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 95 प्रतिशत से ज्यादा अभ्यर्थियों के अंक फाइल और चार्ट से मेच नही करते हैं. जिसमें फाइल की अपेक्षा अंक चार्ट में बढ़े हुए मिलें हैं. यहां तक बताया जा रहा है कि जो छात्र फाइल में फेल हैं, वो छात्र चार्ट में प्रथम श्रेणी से पास है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें