आगरा: सरकारी रंग में होकर धड़ल्ले से चल रहा प्राइवेट बसों का फर्जी कारोबार

Smart News Team, Last updated: Sat, 9th Jan 2021, 7:58 PM IST
  • सरकारी बसों के रंगों में रंगी बसें राजस्थान, हरियाणा, और मध्य प्रदेश के लिए जाती हैं, विभागीय चैकिंग होने पर यात्रियों को बीच रास्ते में उतारकर भाग जाते हैं, बस संचालक. बच्चों का अधा किराया लेने के बाद भी सीट नहीं देतें. यात्रियों को बस स्टॉप के बजाए कहीं छोड़कर भाग जाते हैं.
आगरा: सरकारी रंग में होकर धड़ल्ले से चल रहा प्राइवेट बसों का फर्जी कारोबार

आगरा: आगरा में मध्य प्रदेश (MPSRTC), राजस्थान (RSRTC) और हरियाणा (HRRTC), परिवहन निगम के रंग में रंगी बसों को चलाया जा रहा है. ईदगाह, बिजलीघर और आईएसबीटी बस अड्डे के आसपास से ये बसें राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश के लिए चल रही हैं. परिवहन निगम ने ऐसी 45 फर्जी बसों की सूची RTO को सौंप चुका है, लेकिन RTO की टीमें ऐसी बसों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही हैं.

मध्य प्रदेश परिवहन निगम (MPSRTC) की सफेद व नीले रंग की पट्टी वाली बसें ईदगाह से रोज ग्वालियर, झांसी, भरतपुर, धौलपुर, मुरैना, भिंड तक चलाई जा रही हैं. इन बसों पर मध्य प्रदेश परिवहन लिखा होता है. यात्री रोडवेज बस समझकर सवार हो जाते हैं.

इसी तरह हरियाणा की बसों पर हरियाणा रोडवेज (HRSRTC) लिखकर आईएसबीटी से चलाया जा रहा है. ये बसें पहले पलवल तक संचालित थीं, अब मथुरा, कोसी तक चल रही हैं. ईदगाह और बिजलीघर के पास से भी हरियाणा और मध्य प्रदेश निगम की फर्जी बसें चल रही हैं.

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इन रूटों पर चलती हैं बसें

10 बसें ईदगाह से धौलपुर व भरतपुर तक

12 बसें ईदगाह से ग्वालियर मुरैना और भिंड तक

08 बसें बिजलीघर चौराहे से राजाखेड़ा, भरतपुर तक

15 बसें आईएसबीटी से दिल्ली, पलवल और मथुरा तक

ये बसें राहगीरों को स्टैंड से पहले ही उतार देतीं है

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ये फर्जी बसें बस स्टैंडों तक नहीं पहुंचती हैं. मथुरा से आने वाली बसें गोवर्धन चौराहे पर ही सवारियां उतार देती हैं. कमला नगर के यात्री अजय ने बताया कि इन बसों के ड्राइवर हाईवे पर ही सवारियों को उतारकर भाग जाते हैं, बस स्टैंड तक नहीं पहुंचाते हैं.

बीच रास्ते में अपनी मर्जी से सवारी को कहीं भी उतार देते हैं

लोहामंडी के धर्मवीर ने बताया कि वह मध्य प्रदेश रोडवेज की बस लिखा देखकर बस में सवार हुए थे. ग्वालियर जाना था, मगर भिंड के पास चेकिंग देखकर सवारियों को उतार दिया. पूछने पर बताया की यह प्राइवेट बस है. प्राइवेट बस वाले बच्चों को सीट भी नहीं देते. कमलानगर के सौरभ ने बताया कि प्राइवेट बसों के चालक, परिचालक किसी भी जगह से सवारी बैठा लेते हैं. बसों में बच्चों को आधा किराया लेने के बाद भी सीट नहीं देते हैं.

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इन बसों में हादसा होने पर मुआवजा भी नहीं मिलता

ARTO सुधीर कुमार ने बताया कि फर्जी रंग में दौड़ रहीं इन बसों में ज्यादातर बसों का परमिट भी नहीं है. ऐसे में इन बसों से किसी तरह का हादसा होने पर सवारियों को मुआवजा भी नहीं मिलता है.

RTO को सौंपी है सूची: क्षेत्रीय प्रबंधक RM

परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक (REGIONAL MANAGER) मनोज कुमार पुंढीर ने बताया कि दूसरे प्रदेशों के रोडवेज के रंग में रंगी 45 बसों को चिह्नित किया गया है. इनकी सूची आरटीओ को सौंपी है. हमने भी कार्रवाई के लिए ARM की ड्यूटी लगाई है.

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लेकीन वहीं आरटीओ (प्रवर्तन) अनिल कुमार सूची मिलने की बात से इनकार करते हैं, और कहते हैं, कि इस तरह की बसें कई बार चेकिंग में पकड़ी हैं, लेकिन रोडवेज से हमें कोई सूची नहीं मिली है. संयुक्त चेकिंग में हम ऐसी बसों को पकड़कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे.

 

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