हिंदू डॉक्टर की अर्थी को राम नाम सत्य कहते हुए श्मशान ले गए मुस्लिम, दी मुखाग्नि

Smart News Team, Last updated: 17/09/2020 08:47 PM IST
  • आगरा मंडल के फिरोजाबाद में मुस्लिम भाइयों ने एक हिंदू डॉक्टर की शव यात्रा और अंतिम संस्कार में हाथ आगे बढ़ाकर एकता की मिसाल पेश की.
हिंदू डॉक्टर की अर्थी को राम नाम सत्य बोलते हुए श्मशान ले गए मुस्लिम भाई, दी मुखाग्नि

फिरोजाबाद. आगरा मंडल के फिरोजाबाद में मुस्लिमों ने हिंदू डॉक्टर को कंधा और मुखाग्नि देकर सोहार्द की मिसाल पेश की है. चारों ओर इस बात की चर्चा की जा रही है. डॉक्टर के कोई परिवार नहीं था जिस वजह से मुस्लिम भाइयों ने मिलकर उनका अंतिम संस्कार पूरे रीति रिवाजों के साथ किया. उनकी अर्थी को राम नाम सत्य के जाप के साथ श्मशान घाट तक लेकर गए और दिल्ली से आए भतीजे के साथ मिलकर मुस्लिम लोगों ने हाथ आगे बढ़ाकर मुखाग्नि दी.

मिली जानकारी के अनुसार, फिरोजाबाद के मुस्लिम क्षेत्र में नाले की पुलिया पर डा. विनोद गुप्ता (65) की तबीयत अचानक बिगड़ गई. बुधवार रात उन्हें ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों ने जानकारी दी कि उनकी मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई. डॉक्टर साहब की मौत की खबर सुनकर इलाके में शोक का माहौल हो गया. डॉक्टर विनोद की मौत की जानकारी उनके दिल्ली में रहने वाले भतीजे को दी गई.

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डॉक्टर विनोद का परिवार ना होने की वजह से उनके क्षेत्र के कई मुस्लिम भाई उनके आखिरी सफर में हाथ बढ़ाने आगे आ गए. शव को घर से ले जाने के लिए अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी. इलाके के मुस्लिम लोगों ने खुद अर्थी तैयार भी की. अंतिम यात्रा में सैंकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए. मुस्लिम भाइयों ने राम नाम सत्या कहते हुए शव यात्रा को आगे बढ़ाया. श्मशान में भतीजे के साथ मिलकर मुस्लिम भाइयों ने चिता को आग दी.

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समाजसेवी हैं डॉक्टर विनोद

मालूम हो कि डॉक्टर विनोद के पिता डॉ. बच्चन लाल गुप्ता फिरोजाबाद में करीब 90 साल पहले आए थे और नाले की पुलिया पर अपना क्लीनिक खोला था. बेटे विनोद ने जब एमबीबीएस कर ली तो उन्हें भी लखनऊ से समाजसेवा के लिए वापस अपने शहर बुला लिया था. हिंदू हो या मुस्लिम जो भी विनोद की क्लीनिक पर आता वे इस समय भी 30 से 40 रुपये में ही मरीजों को दवा देते थे. यहां तक की बोतलें चढ़ाने के भी 50 रुपए लिए जाते. समाजसेवा के लिए ही डॉक्टर विनोद ने शादी नहीं की थी.

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