यूपी के आगरा में पहली बार कूड़े से बनेगी बिजली, 10 मेगावाट इलेक्ट्रिसिटी का होगा उत्पादन

Haimendra Singh, Last updated: Wed, 5th Jan 2022, 12:05 PM IST
  • यूपी के आगरा में राज्य का पहला कूड़े से बिजली बनाने का पावर प्लांट बनने जा रहा है. इस प्लांट से 10 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा. मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस प्लांट का शिलान्यास किया था.
आगरा में बन रहा कचरे से बिजली बनाने का प्लांट.( सांकेतिक फोटो )

आगरा. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को वेस्ट टू एनर्जी प्लांट (कचरे से बिजली बनाने) के प्लांट का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास किया. आगरा नगर निगम द्वारा कुबेरपुर में बनाएं जा रहे इस प्लांट से 8 लाख मिट्रिक टन कचरे के पहाड़ के निस्तारण किया जाएगा. इस पावर प्लांट को कुबेरपुर में करीब 11 एकड़ जमीन पर 280 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है. जिले से निकलने वाले 500 मीट्रिक टन कूड़े से 10 मेगावाट की बिजली का उत्पादन होगा. इससे जहां एक तरफ शहर का पर्यावरण प्रदूषित नहीं होगा. वहीं, दूसरी तरफ कूड़े का भी सही से निस्तारण हो जाएगा.

मंगलवार को सीएम योगी ने वर्चुअल माध्यम से इसका शिलान्यास किया. इसके बाद दोपहर 3 बजे नगर आयुक्त निखिल टीकाराम, विधायक राम प्रसाद चौहान और सभी पार्षद ने साइट पर भूमि पूजन किया और इसके साथ ही प्लांट के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गया. इस प्लांट के दो साल में बनने की उम्मीद जताई जा रही है. विशेषज्ञों ने बताया कि बिजली बनाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से कूड़े का निस्तारण किया जाएगा.

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2017 अक्टूबर में चेकोस्लोवाकिया की कंपनी स्पार्क ब्रेशन ने ताजनगरी में कूड़े से बिजली बनाने का प्रोजेक्ट पेश किया था. कंपनी ने आगरा के कुबेरपुर स्थित लैंडफिल साइट पर प्रोजेक्ट लगाने की बात कही थी और नगर निगम के साथ 175 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट साझा किया था. साथ ही उन्होंने बताया था कि नगर निगम का इसमें एक भी रुपया खर्च नहीं होगा.

कंपनी कूड़े से बिजली बनाकर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन को बेचेगी. वहीं प्लांट में हर दिन जिले से आने वाले 500 मीट्रिक टन कूड़े से 10 मेगा वाट बिजली बनेगी. वहीं इस प्लांट की क्षमता को भविष्य में 750 मीट्रिक टन भी किया जा सकता है. जिससे हर रोज 15 मेगावाट बिजली बन सकेगी.

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