आगरा वन विभाग ने 5 साल में 5 लाख रुपए खर्च करके पकड़े सिर्फ 5 सियार

Smart News Team, Last updated: 08/10/2020 11:37 AM IST
  • वन विभाग ने आगरा के अकबर टूम गार्डन में रह रहे हिरनों को सियारों से बचाने में पांच साल में पांच लाख रुपये खर्च कर दिए गए है. वन विभाग इस दौरान सिर्फ पांच सियार ही पकड़ पाया.
आगरा वन विभाग ने 5 साल में 5 लाख खर्च रुपए करके पकड़े सिर्फ 5 सियार.

आगरा. वन विभाग ने आगरा के अकबर टूम गार्डन में रह रहे हिरनों को सियारों से बचाने में पांच साल में पांच लाख रुपये खर्च कर दिए है. इस दौरान वन विभाग  ने पांच सियार ही पकड़ पाया. अभी भी दर्जनभर से ज्यादा हिरन सियार का शिकार बन रहे हैं. इस कारण अकबर टूम गार्डन में हिरनों की संख्या 115 से घटकर 70 हो गई है. हिरनों के लिए अनुकूल वातारण में शिफ्ट कराने की योजना फाइलों में ही लटकी है. प्रस्तावित योजना के मुताबिक इन हिरनों को इटावा की लायन सफारी में शिफ्ट किया जाना है. 

जानकारी के मुताबिक, साल 2014-2015 में लगभग 115 कृष्ण मृगों की मौत हो गई हुई थी. पोस्टमार्टम में उनके पेट में इंफेक्शन निकला था. उस दौरान उनमें पानी न मिल पाने की भी समस्या पाई गई थी. इस मामले में विशेषज्ञों से राय लेने के बाद वन विभाग ने एक गार्डन में जगह-जगह नमक रखवाने की व्यवस्था की गई थी. इस नमक को चाटने से हिरनों में इंफेक्शन की समस्या नहीं होता है. साथ ही पानी को भी साफ कराया गया था. 

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साल 2015 में इन कृष्ण मृगों को दूसरे वन विभाग में शिफ्ट कराने की योजना तैयार की गई थी. एएसआई उद्यान शाखा के तत्कालीन निदेशक डॉ. हरवीर सिंह ने अपने कार्यकाल में शिफ्टिंग के लिए वन विभाग को 54 लाख रुपये दिए थे. साथ ही सियारों को पकड़ने के लिए अलग से पांच लाख रुपये भी दिए गए थे. वन विभाग ने सियारों को पकड़ने के लिए एक-डेढ़ महीने अभियान चलाया. अभियान में वन विभाग ने सिर्फ पांच सियार ही पकड़ा. 

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डीएफओ मनीष मित्तल ने बताया कि हिरनों को इटावा की लायन सफारी में शिफ्ट करने की योजना अपने अंतिम चरण में है. विभागीय स्तर पर कुछ काम बाकी है. उसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा. 

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