आगरा: अशोक सिंघल के नाम से जानी जाएगी घटिया आजम खान रोड, मेयर बोले-बदलते रहेंगे नाम

Sumit Rajak, Last updated: Mon, 20th Dec 2021, 12:31 PM IST
  • आगरा के ‘घटिया आजम खां’ रोड का नाम बदलकर रामजन्म भूमि आंदोलन की अगुवाई करने वाले विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष रहे अशोक सिंघल के नाम पर किया गया है. आगरा के मेयर नवीन जैन ने रविवार को आयोजित समारोह में नारियल फोड़कर और पट्टिका का मार्ग के नामकरण की पट्टिका का लोकार्पण किया.उन्होनें ने कहा कि 'गुलामी के दौर' की याद ताजा करने वाली जगहों के नाम बदलने की प्रक्रिया जारी रहेगी.
फाइल फोटो

आगरा. आगरा के ‘घटिया आजम खां’ रोड का नाम बदलकर रामजन्म भूमि आंदोलन की अगुवाई करने वाले विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष रहे अशोक सिंघल के नाम पर किया गया है. इस रोड का आज विधिवत उद्घाटन किया गया है. आगरा के मेयर नवीन जैन ने रविवार को आयोजित समारोह में नारियल फोड़कर और पट्टिका का मार्ग के नामकरण की पट्टिका का लोकार्पण किया. साथ ही अनावरण होते ही भारत माता के जयकारे गूंज उठे. मेयर नवीन जैन ने बताया कि ये आगरा का शौभाग्य है कि अशोक सिंघल के नाम पर रोड का नाम रखा गया है.

सितंबर में आगरा नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक के दौरान सड़क का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया था. इसके अलावा कार्यकारिणी के सदस्यों के प्रस्तावों पर और भी कई सड़कों का नामकरण किया गया है. कुछ माह पहले ही आगरा में 'मुगल रोड' का नाम बदलकर 'महाराजा अग्रसेन रोड' कर दिया गया था. नवीन जैन के बताया कि त्याग एवं बलिदान के प्रणेता रहे अशोक सिंघल की याद में उनके जन्म स्थान के पास घटिया आजम खां मार्ग सड़क का नाम बदलने का निर्णय सिंघल को सम्मानित करने के लिए लिया गया था, जिनका जन्म 1926 में घटिया आजम खान रोड स्थित एक घर में हुआ था. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने के साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी. 1950 में बीएचयू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की.1981 में वह विश्व हिंदू परिषद में भी शामिल हुए. 1984 में धर्म संसद के आयोजन में अशोक सिंघल ने मुख्य भूमिका निभाई थी. इसी धर्म संसद में साधु संतों की बैठक के बाद श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की नींव पड़ी थी.

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आगरा के मेयर नवीन जैन बताया कि अशोक सिंघल ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए पूरे भारत में हिंदुओं को एकजुट करके आंदोलन को आकार देने में प्रमुख भूमिका निभाई थी. उन्होनें ने कहा कि 'गुलामी के दौर' की याद ताजा करने वाली जगहों के नाम बदलने की प्रक्रिया जारी रहेगी. वहीं, नाम बदलने के फैसले पर विपक्षी दलों ने यूपी की योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा था. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हाजी जमीलुद्दीन ने कहा था कि ये नाम मिटाने की सियासत चल रही है लेकिन जो लोग नाम मिटा रहे हैं उनको जनता मिटा देगी. समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष वाजिद निसार ने कहा है कि नाम बदलने से जनता के मुद्दों का समाधान हो रहा हो, तो समझ में भी आता है.  साथ ही उन्होंने आगरा मेयर से सवाल किया कि क्या बुनियादी मुद्दे और समस्याओं का हल नाम बदलने से हो जाएगा.

 

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