आगरा: चाचा-चाची और पुलिस से तंग आए युवक ने फेसबुक पर लाइव आकर किया सुसाइड

Mithilesh Kumar Patel, Last updated: Tue, 2nd Nov 2021, 11:13 PM IST
  • आगरा के सिकंदरा इलाके का एक युवक फेसबुक पर आपबीती सुनाकर जान दे दी. उसने अपने लाइव वीडियो में बताया कि चाचा,चाची व उनके बेटे और पुलिस से तंग आकर सुसाइड करने का फैसला किया है. खराब आर्थिक स्थिति के बीच पांच छः महीने से कानूनी पचड़े में फसने की वजह से युवक लंबे समय से अवसाद में चल रहा था.
19 वर्षीय कृष्ण मुरारी सिंह

आगरा. आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में मंगलवार को 19 वर्षीय कृष्ण मुरारी सिंह के सुसाइड करने का मामला सामने आया है. इलाके के मांगरोल गूजर गांव का रहनेवाला शख्स सोमवार को रुनकता फाटक के नजदीक ट्रेन से कटने से पहले फेसबुक पर वीडियो अपलोड किया था. वीडियो वायरल होनें के बाद मंगलवार को मृतक के परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की. वीडियो में कृष्ण मुरारी ने आरोप लगाया कि पुलिस और रिश्तेदार उसके मौत की वजह है.

वीडियो में सुसाइड करने का फैसला क्यों लिया यह पूरी कहानी सुनाई थी. उसके बाद फेसबुक लाइव कर खुद कटकर जान दे दी. फेसबुक वीडियो में कृष्ण मुरारी ने आरोप लगाया कि गांव में हुए झगड़े से निजात दिलाने ने लिए संबंधित चौकी प्रभारी केशव दीक्षित ने 12 हजार लिए मगर कोई समाधान नहीं हुआ. उसके बाद समझौते के नाम पर रिश्तेदारों ने 15 हजार लिए फिर भी मामला सलटा नहीं. रिश्तेदारों की शिकायत पर युवक मुरारी गुंडा एक्ट समेत कई धाराओं में फंस चुका था.

अब चांद की रौशनी में पांचों दिन सैलानी कर सकेंगे ताज का दीदार, सभी स्लॉटों में खुलेगा ताजमहल

सुसाइड करने से पहले कृष्ण मुरारी ने अपने सोशल मीडिया पर दो वीडियो अपलोड की थी. ढाई मिनट के विडियो में अपने परिचय से शुरू करते हुए बताया कि वह सिकंदरा क्षेत्र के मांगरोल गूजर गांव का रहने वाला है वह सुसाइड करने जा रहा है. आगे उसने कहा कि वह ऐसा इसलिए कर रहा है क्योंकि चाचा लाखन, चाची लज्जा व बेटे मोनू ने सिकंदरा थाने में पैसे देकर उसे बेफजूल केस में फंसा दिया है जिसे वह पिछले 5 महिने से झेल रहा है. आर्थिक रुप से कमजोर परिवार से ताल्लुक रखने वाला कृष्ण व उसके माता-पिता इस केस को देखने में करीब 50-60 हजार रूपए कर्जे में भी हो गए हैं. एक तो परिवार पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था ऊपर से ये केस उसके परिवार की और मुश्किल बढ़ाती जा रही है. इन सब कानूनी पचड़ों में बहुत ज्यादा फंस जाने के कारण इसके आलावा उसे अपने इंडियन आर्मी में जाने का दरवाजा भी पूरी तरह बंद लगने लगा था. इन सब से वह परेशान होने के साथ-साथ डर भी गया था. ऐसे हालात से उबरने के लिए उसने मौत को गले लगाना ही ज्यादा उचित समझा. वह बार-बार कहता रहा कि मैं निर्दोष हूं. मुझे, मेरे भाई और मेरे पिता को साजिशन फंसाया गया है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें