आगरा

ताजनगरी में ये कैसी सुनवाई? सौतेले पिता ने किया रेप, 3 बार गई थाने तो भगा दी गई

Smart News Team, Last updated: 16/07/2020 01:37 PM IST
  • पीड़िता की मौसी ने बताया कि 12 जुलाई की रात घटना हुई थी। घटना के बाद वे थाने पहुंचे। पुलिस ने पूरी बात सुनी। कहा कि आरोपी सौतेला पिता है। कहां जाएगा। जब घर आ जाए तो बता देना। वे लौट आए। अगले दिन फिर गए।
दुराचार पीड़ित नाबालिग को थाने से तीन बार भगाया

आगरा में 14 साल की एक किशोरी के साथ दुराचार हुआ। वह थाने पहुंची। पुलिस ने कहा कि आरोपी सौतेला पिता घर आ जाए तो बताना। पीड़िता एक बार फिर थाने गई। पुलिस ने उसे यही कहकर वापस भेज दिया कि आरोपी आ जाए तब बताना। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराना उचित नहीं समझा। तहरीर पर मुकदमा तो दूर की बात है। कोई घटना स्थल पर भी नहीं गया। बुधवार को एक बजरंग दल के नेता ने हस्तक्षेप किया। एसएसपी और सीओ लोहामंडी को घटना से अवगत कराया। तब जगदीशपुरा पुलिस हरकत में आई। ऐसी पुलिसिंग के लिए पुलिस कर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होनी चाहिए। यह तय एसएसपी को करना है।

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दरअसल, पीड़िता मूलत: नेपाल की निवासी है। सालों से परिवार आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर छह में रहता है। पीड़ित किशोरी की मां नेपाल गई हुई है। पिता सौतेला है। मौसी भी साथ रहती है। मौसी ने जगदीशपुरा थाने में मुकदमे के लिए तहरीर दी है। बजरंग दल के संजय मल्होत्रा ने बताया कि आवास विकास में उनके कुछ परिचित रहते हैं। उन्होंने घटना की जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि पीड़िता को थाने से तीन बार भगा दिया गया। वह पीड़ित परिवार से मिले। पीड़िता की मौसी ने बताया कि 12 जुलाई की रात घटना हुई थी। घटना के बाद वे थाने पहुंचे। पुलिस ने पूरी बात सुनी। कहा कि आरोपी सौतेला पिता है। कहां जाएगा। जब घर आ जाए तो बता देना। वे लौट आए। अगले दिन फिर गए। पुलिस ने इस बार यही कहा। तीसरी बार गए तो पुलिस ने कहा कि आया नहीं तो यहां क्यों आए। संजय मल्होत्रा ने बताया कि घटनाक्रम सुनने के बाद वह हैरान रह गए। एसएसपी बबलू कुमार और सीओ लोहामंडी नम्रता श्रीवास्तव को घटना बताई। उनके थाने पर फोन करने के बाद पुलिस हरकत में आई। अब मुकदमा लिखा जा रहा है।

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फोरेंसिक एक्सपर्ट के अनुसार, दुराचार पीड़िता का मेडिकल घटना के जितना जल्दी हो सके हो जाना चाहिए। वह नहा ले। कपड़े बदल दे तो साक्ष्य मिट जाते हैं। यहां तो जगदीशपुरा पुलिस सूचना के तीन दिन बाद हरकत में आई। अब मेडिकल होगा। उसमें कुछ नहीं आया तो इसका लाभ आरोपित को मिलेगा।

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