आगरा: कोरोना काल में विवाह पंजीकरण के ग्राफ में बढ़ोत्तरी, दोगुनी हुई संख्या

Smart News Team, Last updated: Mon, 14th Jun 2021, 12:31 PM IST
  • कोरोना काल में आगरा में शादी के बाद विवाह पंजीकरण की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है. पिछले साल जहां अप्रैल से जून के महीने में केवल 95 पंजीकरण हुए थे, वही इस वर्ष अप्रैल से जून की अवधि में 190 से ज्यादा विवाह पंजीकरण हो चुके है. 
आगरा में विवाह पंजीकरण के सख्या में बढ़ोत्तरी. ( सांकेतिक फोटो )

आगरा: विवाह को सात जन्मों का रिश्ता माना जाता है. कोरोना महामारी के समय में आगरा में शादियों के ग्राफ में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है. पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष लोगों ने शादी के बाद  ज्यादा पंजीकरण किये है. बढ़ोत्तरी की यह सख्या पिछले साल के मुकाबले दोगुनी है. ऐसा तब हुआ है जब कोरोना महामारी के चलते लगभग एक महीने के लिए निबंधन कार्य पूरी तरफ से बंद रहा, उसके बावजूद भी पंजीकरण के ग्राफ में इजाफा हुआ है. 

आगरा में पिछले साल अप्रैल से जून के महीने में 95 विवाह पंजीकरण हुए थे, लेकिन इस साल अप्रैल से जून के महीने में ही 190 पंजीकरण हो चुके है. इस बार विवाहित जोड़े पंजीकरण कराने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं. आगरा मंडल निबंधन, उपमहानिरीक्षक, एसके सक्सेना ने कहा है कि शादियों का सीजन अभी चल रहा है इसलिए पंजीकरण की सख्या में और भी बढ़ोतरी हो सकती है. उन्होंने कहा, कि कुछ दंपतियों इसलिए पंजीकरण इसलिए नहीं कराती, क्योकि उन्हें पंजीकरण दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ती.

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पंजीकरण क्यो है जरूरी

शादी के बाद विवाह पंजीकरण कराना बेहद जरूरी हो गया है. शादी के बाद विदेश जाने के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र की सबसे ज्यादा जरूरी पड़ती है. इसके अलावा सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीकरण दस्तावेज की जरूरत पड़ती है. शादी के एक वर्ष के अन्दर पंजीकरण के लिए दस रुपए का शुल्क लगता है. एक वर्ष के बाद प्रति वर्ष 50 रुपए विलंव शुल्क देना पड़ता है.

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