कोरोना काल में अभिभावकों का स्कूलों में प्रदर्शन, कहा- नहीं देंगे 6 महीने की फीस

Smart News Team, Last updated: 22/07/2020 08:32 PM IST
  • आगरा में कई स्कूलों पर अभिभावकों ने प्रदर्शन किया और फीस ना लेने की मांग उठाई. अभिभावक कई अन्य समस्याओं को भी सामने रख रहे हैं और कोरोना लॉकडाउन के समय बच्चों के स्कूल ना जा पाने के कारण फीस माफी की मांग कर रहे हैं. 
कोरोना काल में अभिभावकों का स्कूलों में प्रदर्शन, कहा- नहीं देंगे 6 महीने की फीस

आगरा शहर के कई स्कूलों में अभिभावकों का प्रदर्शन जारी है. सोमवार को दयानंद बाल मंदिर स्कूल और सुल्तानपुरा के स्कूल पर अभिभावकों ने प्रदर्शन किया. लॉकडाउन के चलते अभिभावकों ने मांग रखी है कि वो बच्चों की छह महीने की फीस नहीं भर पाएंगे. उनका कहना है कि बच्चे भी 6 महीने से स्कूल नहीं गए हैं तो ऐसे में फीस मांगना भी सही नहीं है. इसके अलावा उन्होंने मांग रखी है कि बच्चों को पिछले साल की किताबों से ही पढ़ाई करवाई जाए. 

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दयानंद बाल मंदिर स्कूल की बात करें तो अभी भी स्कूल से अभिभावकों को मैसेज भेजकर फीस भरने के लिए कहा जा रहा है. इसी के बाद अभिभावकों ने स्कूल में प्रदर्शन किया. ज्यादातर अभिभावकों ने कहा कि कोरोना और लॉकडाउन के कारण इनकम कम होने से वो फीस नहीं भर पाएंगे. उन्होंने मांग की है कि स्कूल बच्चों की छह महीने की फीस माफ कर दे. हालांकि स्कूल उनपर फीस भरने का दबाव बना रहा है. 

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अभिभावकों ने कहा कि पहले वो फीस समय पर दिया करते थे लेकिन इस साल वो फीस भरने में समर्थ नहीं हैं. अभिभावकों का कहना है कि स्कूल अभी भी उनसे पिछले साल की तरह पूरी फीस मांग रहा है लेकिन बच्चों के स्कूल ना जाने से उनका स्कूल खर्चे कम हो गया है. साथ ही अभिभावकों ने पिछले साल की किताबों से पढ़ाए जाने की मांग रखी है. अभिभावकों ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान बच्चों ने पुरानी किताबों से पढ़ाई की लेकिन अब नई किताबें खरीदने के लिए कहा जा रहा है. अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन उनकी समस्या समझे. 

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स्कूल के प्रधानाचार्य कुलवीर कौर भसीन ने अभिभावकों की मांगो पर कहा कि फीस के बिना स्कूल का संचालन मुश्किल हो रहा है. यदि अभिभावक फीस नहीं देंगे, तो शिक्षक और अन्य स्टाफ को वेतन देना मुश्किल होगा. किसी अभिभावक पर कोई दबाव नहीं डाला गया है. दूसरी ओर अभिभावकों ने स्कूल पर ये आरोप भी लगाए हैं कि स्कूल पिछले साल के रिजल्ट नहीं दे रहा है और रिजल्ट के लिए अप्रैल की फीस भरने को कह रहा है. स्कूल ने कहा है कि आरोप बेबुनियाद हैं.

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