सरकारी और प्राइवेट नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो अरेस्ट

Smart News Team, Last updated: 06/10/2020 08:59 AM IST
  • आगरा में पुलिस ने सरकारी और प्राइवेट नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना समेत दो शातिरों को गिरफ्तार कर लिया है. 
सरकारी और प्राइवेट नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो अरेस्ट

आगरा. आगरा के थाना जगदीशपुरा की पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने सरकारी और प्राइवेट नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना समेत दो शातिरों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने ठगों के पास से ठगी की सामग्री को भी बरामद किया है. पुलिस ने बताया कि इनके बैंक अकांउट के खंगाले गए हैं. पुलिस जांच में लाखों रुपये की ठगी का अनुमान लगाया जा रहा है. 

दोनों शातिरों की पहचान नरेश सिंह राजपूत निवासी मनिया, धौलपुर राजस्थान और अमरेन्द्र कुमार मिश्रा निवासी बरगदमा खुर्द, संत कबीर नगर के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी अभी सेक्टर 6बी आवास विकास कॉलोनी मकान नं. 105, जगदीशपुरा में रह रहे थे. पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से 4500 रुपये, 3 मोबाइल, 4 सिम कार्ड, 1 लैपटॉप, 7 एटीएम कार्ड, 1 पेन कार्ड, 2 रजिस्टर, 7 एफिडेविड, 4 बैंक पास बुक, 1 आधार कार्ड, 7 त्यागपत्र, 2 प्रोत्साहन पत्र और 2 जॉइनिंग लेटर भी बरामद किए हैं. 

केन्द्रीय मंत्री संजीव बलियान ने की हाथरस कांड में नार्को टेस्ट की मांग

पुलिस ने बताया कि नौकरी दिलाने से जुड़ी कई शिकायतें आई, जब इसके आधार पर जांच किया गया तो पता चला कि शातिरों के नाम-पते फर्जी निकले. शातिरों ने ठगी के लिए फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया है. पुलिस साइबर टीम ने उन खातों को जांच की जहां पर रुपये को भेजा गया था. पुलिस जांच में अधिकतर खाते धौलपुर के पाए गए. 

आगरा: सरकारी राशन के कालाबाजारी का पर्दाफाश, गेहूं और चावल के 148 कट्टे बरामद

पुलिस साइबर टीम ने नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए दिए गए नम्बरों को ट्रेस करके शातिरों को पकड़ा. पुलिस के मुताबिक यह गिरोह पिछले दो सालों से धौलपुर में सक्रिय है. ठगों ने पीएनबी, एचडीएफसी, केनरा, सिंडीकेट, बैंक ऑफ बड़ौदा में खाते खुलवाए हैं. पुलिस ने बताया कि धौलपुर की बैंकों के एक अकांउट से 30 लाख और दूसरे अकांउट से 10 लाख रुपये मिले है. इसी के आधार पर पुलिस लाखों रुपये की ठगी का अनुमान लगा रही है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें