आगरा: रेप केस की कार्रवाई रोक पंचायत कर रही पुलिस, पीड़िता का नहीं करवाया मेडिकल

Smart News Team, Last updated: 14/10/2020 10:17 AM IST
  • आगरा के एत्मादुद्दौला में रेप केस में पुलिस ने कार्रवाई रोक कर पंचायत की. यहां तक की पीड़िता को मेडिकल के लिए भी नहीं भेजा. अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली तो संज्ञान लेते हुए उन्होंने पुलिस वालों की फटकार लगाई. आरोपी के परिवार वालों ने रुपये देकर मामला निपटाने की कोशिश भी की. 
आगरा में रेप केस की कार्रवाई को रोककर पुलिस ने पंचायत करी. पीड़िता को भी मेडिकल के लिए नहीं भेजा.

आगरा. आगरा के एत्मादुद्दौला थाना क्षेत्र में रेप की घटना में पुलिस ने लापरवाही बर्ती. रेप केस में पुलिस जांच की जगह पंचायत करने में लग गई. मारपीट नहीं अब दुराचार के मामले भी पंचायत में निपटाए जा रहे हैं. एत्मादुद्दौला थाने में मंगलवार की रात से चल रही है पंचायत बुधवार की सुबह खत्म हुई. तब तक किशोरी को मेडिकल के लिए नहीं भेजा गया था. पंचायत अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बाद खत्म की गई.

घटना यमुनापार क्षेत्र की है. 16 वर्षीय किशोरी ने आरोप लगाया कि मंगलवार रात को उसके 40 वर्षीय पड़ोसी व्यक्ति ने उसे काम के बहाने अपने बाड़े में बुलाया. वहां उस व्यक्ति के साथ एक युवक भी था. व्यक्ति लड़की को लेकर अंदर गया और दूसरा युवक बाहर गेट पर खड़ा हो गया. पीड़िता ने बताया कि उस पड़ोसी ने उसका रेप किया. परिजनों का कहना है कि वो रात में अपनी बेटी को ढूंढ रहे थे. देर रात किशोरी बदहवास हालत में घर पहुंची और घटना की जानकारी दी. इसके बाद गुस्साए परिजनों ने आरोपी को पीटा.

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यूपी 112 पर घटना की सूचना दी गई. पीआरवी मौके पर पहुंची और आरोपी को थाने ले गए. देर रात 12 बजे पीड़िता और उसके परिजन थाने पहुंचे. पूरी घटना पुलिस को बताई गई लेकिन उसे मेडिकल के लिए नहीं भेजा. पीड़िता के भाई का आरोप है कि आरोपी के पिता पैसे वाले हैं. वे रात में अपने साथ कई लोगों को लेकर थाने आ गए और उन पर समझौते को दबाव बनाया गया. पुलिस की मौजूदगी में आरोपित पक्ष डेढ़ लाख रुपये लेकर शिकायत वापस लेने की कहने लगा. आरोपी के परिजन उसे जेल से छुड़ाने की कोशिश कर रहे हैं. 

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सुबह नौ बजे तक थाने में समझौते के लिए पंचायत चल रही थी. सुबह को मामला एसएसपी बबलू कुमार के संज्ञान में आया तो उन्होंने थाना पुलिस की फटकार लगाई. सीओ छत्ता को मौके पर पहुंचने को कहा गया. सवाल खड़े हो रहे हैं कि घटना सही है तो कार्रवाई करे सही नहीं गलत है तो शिकायत को खारिज करे. यह करने के बजाए किस कानून के तहत पंचायत कराई जा रही है.

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