आगरा

सेक्स रैकेट क्वीन रोशनी को मिली जमानत, पुलिस नहीं पेश कर पाई गवाह और सबूत

Smart News Team, Last updated: 30/07/2020 10:10 AM IST
  • आगरा में मशहूर सेक्स रैकेट क्वीन रोशनी को जमानत मिल गई है. पुलिस उसके आरोप साबित करने के लिए गवाह और सबूत पेश नहीं कर पाई. दो दिन रोशनी को रिमांड पर लेने के बाद भी पुलिस उससे कोई अहम जानकारी हासिल नहीं कर पाई है.
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आगरा पुलिस ने कुछ दिनों पहले सेक्स रैकेट क्वीन रोशनी नागवानी को रिमांड पर लिया था. दो दिन पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया था. बुधवार को कोर्ट में रोशनी को पेश किया गया. कोर्ट ने रोशनी को जमानत दे दी है. दरअसल पुलिस उसके आरोप साबित करने के लिए गवाह और सबूत पेश नहीं कर पाई. जिला जज मयंक कुमार जैन ने प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र सशर्त मंजूर करने के आदेश दिए. पुलिस ने दो दिन रोशनी को रिमांड पर लिया था लेकिन उससे कुछ जानकारी नहीं हासिल कर पाए. 

आगरा पुलिस ने रोशनी को आईटीपी एक्ट के तहत हिरासत में लिया था. रोशनी से रिमांड पर पूछताछ के लिए तीन क्षेत्राधिकारियों की टीम बनाई गई थी. पुलिस ने पहले रोशनी को देशी-विदेशई युवतियों का सप्लायर बताया था और बाद में कोर्ट में कहा कि उन्होंने जब रोशनी को गिरफ्तार किया वो एक शख्स के साथ कार में आपत्तिजनक स्थिति में थी. पुलिस की इन अलग-अलग कहानी ने ही काम बिगाड़ दिया.

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बताया गया था कि क्षेत्राधिकारी सदर प्रभात कुमार ने सूचना के आधार पर मय अधीनस्थ के साथ फतेहाबाद-शमसाबाद रोड के मध्य सवा सौ फुटा रोड के पास लाल आई-20 में वैश्यावृत्ति होने पर उसे घेर लिया था. ग्राउंड में खड़ी कार हिल रही थी जिसपर काले रंग की मैट लगी थी, एक आदमी उन्हें देखकर गाड़ी का गेट खोल पेंट बांधता हुआ भाग गया. पुलिस टीम ने गाड़ी के बाहर खड़े व्यक्ति और गाड़ी से महिला को हिरासत में लिया. पूछताछ में महिला ने अपना नाम रोशनी नागवानी निवासी मारुति सिटी कॉलोनी ताजगंज बताया.

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पूछताछ में रोसनी ने पुलिस को बताया कि वो होटलों में कमरा बुक करा देह व्यापार का धंधा करते हैं. वह ग्राहकों को दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ के साथ-साथ विदेशी युवतियों (उजकेबिस्तान, रशियन) की भी सप्लाई करते हैं. आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विजय आहूजा, वीमू आहूजा व साजिद अहमद ने तर्क दिए कि पुलिस ने गुडवर्क दिखाने के लिए झूठा फंसाया है. पुलिस द्वारा देह व्यापार अधिनियम की धारा 15 (2) के प्राविधान का भी अनुपालन नहीं किया गया. कथित घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी भी पुलिस ने नहीं दर्शाया.

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