SN मेडिकल कॉलेज में बनेगा ड्रग बैंक, दवाओं के लिए नहीं भटकना होगा मेडिकल स्टोर

Smart News Team, Last updated: Tue, 21st Jul 2020, 8:54 PM IST
  • आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज में अब ड्रग बैंक बनाया जाएगा. इसमें सरकारी उपलब्धता के अलावा भी दवाइयां मिलेंगी. अब मरीजों को अन्य दवाइयों के लिए मेडिकल स्टोर पर नहीं भागना होगा.
एसएन मेडिकल कॉलेज में बनेगा ड्रग बैंक, दवाओं के लिए नहीं भटकना होगा मेडिकल स्टोर

एसएन मेडिकल कॉलेज में अब एक अलग ड्रग बैंक बनाया जाएगा. अभी तक अस्पताल में सरकारी उपलब्धता वाली दवाएं मिलती थीं. बाकि दवाओं के लिए मरीजों और परिजनों को मेडिकल स्टोर जाना पड़ता था. एसएनएमसी में ड्रग बैंक बनने से वहा सरकारी उपलब्धता से अलग दवाइयां रखी जाएंगी. कोरोना संक्रमित और अन्य बीमारियों के मरीजों को दवाओं की जरूरत होने पर मेडिकल स्टोर नहीं जाना होगा. दवाएं एसएनएमसी में ही मिलेंगी. हालांकि इन दवाओं के लिए मरीजों को दाम चुकाना होगा. 

कोरोना काल में ताजनगरी के लिए खुशखबरी, SNMC में जल्द आएगा रेमडेसीवीर इंजेक्शन

दरअसल कोरोना मरीजों के इलाज के लिए कोई एक दवा नहीं बल्कि लक्षणों के अनुसार आईसीएमआर और अन्य कई एजेंसियों ने अलग-अलग दवाएं बताई हैं. हालांकि उनमें से कुछ दवाओं की सरकारी उपलब्धता नहीं है. सरकारी अस्पतालों में उन दवाओं के ना भेजे जाने के कारण अब एसएनएमसी में ही ड्रग बैंक बनाकर यहां दवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी. इनमें रेमडेसीवीर इंजेक्शन भी शामिल किया जाएगा. ये इंजेक्शन कोरोना के गंभीर मरीजों को लगाया गया था. हालांकि आगरा में ना मिलने के कारण इसे मरीजों के परिजन दिल्ली से लाए थे. 

कोख के सौदागर: अस्मिता व पति की गिरफ्तारी असली चुनौती, नेपाल पुलिस की चाहिए मदद

अन्य बीमारियों की कई दवाएं ऐसी हैं जिनके परिणाम अच्छे हैं लेकिन वो सरकारी दवाओं में शामिल नहीं हैं. इन्हीं दवाओं को ड्रग बैंक में शामिल किया जाएगा. इन सभी दवाओं को 'रेडी अबेलेबल स्टॉक' बनाकर रखा जाएगा. बता दें कि ये दवाएं सीधे फार्मा कंपनियों से खरीदी जाएंगी और अस्पताल की फार्मेसी में इन्हें बेचा जाएगा. फार्मा कंपनियों से खरीदे जाने वाले दामों पर ही इन्हें बेचा जाएगा और इनका बिल भी दिया जाएगा. 

ताजनगरी में बारिश के बाद भी गर्मी से राहत नहीं, उमस ने किया लोगों का हाल बेहाल

एसएनएमसी प्रशासन इस कोशिश में जुट गया है. इसमें कोरोना मरीजों के लिए सुझाई जा रही सभी दवाओं को रखा जाएगा. एसएनएमसी प्राचार्य, डॉ. संजय काला ने कहा कि हम इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. ऐसी दवाओं की खरीद और उन्हें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया क्या होगी, इसकी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. पूरा होमवर्क करने के बाद इसे शुरू किया जाएगा. नतीजे अच्छे आए तो मरीजों को बहुत फायदा होगा.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें