आगरा में अलर्ट! वायु प्रदूषण तेजी से फैला, जहरीली हवा में ना निकलने की सलाह के साथ एडवाइजरी जारी

Sumit Rajak, Last updated: Wed, 10th Nov 2021, 10:27 AM IST
  • उत्तर प्रदेश के आगरा में हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है. हवा में प्रदूषण का जहर घुला हुआ है.शहर की आबो हवा में अब सांस लेने लाया नहीं बची है.शहर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण का असर दमा और सांस के रोगी पर हो रहा है. प्रदूषण की वजह से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पर रहा है.वहीं लोगों को आंखों में जलन की शिकायत हो रही है. हवा का प्रदूषण स्तर पिछले दिनों से बढ़कर एयर क्वालिटी इंडेक्स 472 तक पहुंच गया है.फिरोजाबाद में 489 AQI के साथ देश के नंबर वन प्रदूषित शहरों में एक है.I
प्रतीकात्मक फोटो

आगरा. दीपावली के बाद से शहर में लगातार वायु प्रदूषण बढ़ रहा है.उत्तर प्रदेश के आगरा में हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है. हवा में प्रदूषण का जहर घुला हुआ है.शहर की आबो हवा में अब सांस लेने लाया नहीं बची है. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार इसे रोकने का कदम उठा रही है.प्रशासन ने मंगलवार रात एडवाइजरी करते हुए दमा और सांस रोगियों को घर से बाहर न निकलने की निर्देश दीए है. बच्चे और बुजुर्ग भी घर से बाहर निकलने से परहेज करें.केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के  विभाग द्वारा जारी ताजा आकड़ों के मुताबिक आगरा की हवा का प्रदूषण स्तर पिछले दिनों में लगातार बढ़ता हुआ एयर क्वालिटी इंडेक्स 472 तक पहुंच गया है. फिरोजाबाद  में 489 AQI के साथ देश के नंबर वन प्रदूषित शहरों में एक है.शहर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण का असर दमा और सांस के रोगी पर हो रहा है. प्रदूषण की वजह से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पर रहा है.वहीं लोगों को आंखों में जलन की शिकायत हो रही है. प्रदूषण विभाग भी बढ़ते हुए प्रदूषण को रोक पाने में नाकामयाब हो रहा है. 

प्रोफेसर रंजीत सिन्हा ने कहा कि वर्तमान समय में हवा की गति दो मीटर प्रति सेकेंड से कम है.ऐसे में वातावरण में मौजूद हानिकारक तत्व एक जगह से दूसरे जगह पर वायु के साथ नहीं जा पा रहे हैं. एक स्थान पर इक्कठा हो रहे हैं. उन्होनें ने कहा कि वाहनों के धुएं और आतिशबाजी के बाद हुए प्रदूषण से स्थिति बेहद खराब हो गई. धूप नही होने से वातावरण में लो बाउंड्री लेयर बन गया है, जिस वजह से हानिकारक तत्व इक्कठा  हो गए हैं, इससे कोहरा की स्थिति बन रही है. ऐसे में अस्थमा, सीओपीडी और हृदय रोगियों की दिक्कते बढ़ गई है. साथ ही कहा कि जब तेज हवा चलेगी या धूप निकलेगी तो स्थिति में काफी सुधार हो सकता है.

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पर्यावरण वैज्ञानिक रंजीत सिन्हा ने कहा कि सोमवार की रात 12 बजे 2.5 वैल्यू 560 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया. मंगलवार सुबह में यह 360 था.उन्होने कहा कि यह एयर क्वालिटी इंडेक्स WHO की स्टैंडर्ड वैल्यू से 60 गुना ज्यादा है. जबकी WHO का मानक 5 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है. इसके साथ कहा कि भारत का मानक 40 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है.

वायु प्रदूषण पांच प्रमुख कारण

त्योहार पर बड़ी संख्या मेें कई जिलों के लोग भी खरीदारी के लिए आगरा आए. जिसके वजह से वाहनों का प्रयोग बढ़ने से जाम लगा. जिससे जाम होने से वायु प्रदूषण बढ़ा.

दीपावली पर आतिशबाजी की वजह से प्रदूषण बढ़ा.

दीपावली पर लोगों ने घर में साफ-सफाई की, जिससे कूड़ा अधिक निकाला. लोगों ने कूड़ा में आग लगा द. इससे भी प्रदूषण बढ़ गई.

शहर में हो रहे निर्माण कार्य के चलते भी वायु प्रदूषण बढ़ता रहा है.

प्रदूषण की वजह से बनी लो बाउंड्री लेयर और हवा की गति कम होने के कारण भी प्रदूषण बढ़ा है.

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प्रशासन द्वारा जारी की एडवाइजरी

जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह का बताया कि जो लोग बीमार हैं. प्रशासन ने मंगलवार रात एडवाइजरी करते हुए दमा और सांस रोगियों को घर से बाहर न निकलने की निर्देश दीए है. बच्चे और बुजुर्ग भी घर से बाहर निकलने से परहेज करें. सुबह और शाम टहलने से बचें. घर से बाहर मास्क लगाकर ही निकलें. शहर में जिन जगह पर निर्माण कार्य चल रहे हैं. वहां पर सत्यापन कराया जा रहा है. 15 साल पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो ईंट भट्‌ठे, निर्माण व अन्य कार्यो पर भी रोक लगाई जा सकती है.

सबसे अधिक प्रदूषित शहर

शहर                                       AQI

फिरोजाबाद                                  489

आगरा                                          472

वृंदावन                                         454

गाजियाबाद                                   451

बागपत                                         442

हापुड़                                           433

मेरठ                                             433

फरीदाबाद                                    430

नोएडा                                           426

 

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