आगरा

आगरा: 60 दिन भी नहीं चल पाई 18 लाख रुपये से बनी सड़क, कटघरे में नगर निगम

Smart News Team, Last updated: 03/06/2020 02:59 PM IST
  • आगरा नगर निगम में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हुआ है। निगम को कटघरे में खड़ा करने वाले हैं निगम के निर्माण कमेटी के चेरयमैन।
प्रतीकात्मक तस्वीर

आगरा नगर निगम में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हुआ है। निगम को कटघरे में खड़ा करने वाले हैं निगम के निर्माण कमेटी के चेरयमैन। वजह है नालबंद से पंचकुइयां तक की बनी सड़क महज दो माह मे उखड़ने लगी है। इस सड़क के निर्माण में नगर निगम ने करीब 18 लाख रुपये खर्च किए थे। वह तो गनीमत है कि सड़क बनने के कुछ ही दिन बाद लॉकडाउन घोषित हो गया अन्यथा अब तक सड़क के हालात जर्जर हो जाते।

नगर निगम के निर्माण विभाग ने मार्च में इस सड़क को बनाया था। सड़क पर पेंटिंग का कार्य भी किया गया था। एक दो रोज में गिटि्यां निकलने लगीं। कई स्थानों पर साइड पटरी से काफी मात्रा सड़क टूट चुकी है। नगर निगम की निर्माण कमेटी के चेरयमैन राजेश कुमार प्रजापति का कहना है कि यदि सामान्य स्थिति से वाहनों का आवागमन होता तो अब तक सड़क खस्ता हालात में पहुंच जाती।

घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग!

क्षेत्रीय निवासी पेशे से इंजीनियर दिनेश कुमार का कहना है कि सड़क के आखिरी कोटिंग में बिटुमिन का प्रयोग किया, उसकी क्वालिटी ही संदेह घेरे में है। साइट पटरियों पर यह माना जा सकता है कि रोलर ठीक से नहीं चल पाने के कारण कांपेक्टिंग में कमी रह गई होगी लेकिन बीचोंबीच जिस तरह से गिट्टी उखड़ रही है उससे साफ है कि घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है। ऐसी भीषम में गर्मी में जब डामर (बिटुमिन) पिघलकर गटिट्यों को जकड़ लेती है वहां गटिट्यां उखड़ रही हैं। यह जांच का विषय है।

एक बारिश भी नहीं झेल पाएगी सड़क

सड़क जिस ढंग से बनाई गई है उसे देखकर साफ है कि यह सड़क एक बारिश भी नहीं झेल पाएगी। लॉकडाउन के चलते वहां लगे बैरियरों से ही गिट्टी निकल रही हैं जब बारिश होगी तो जलभराव में जहां से सड़क फूलना शुरू हुई है वहां से तुरंत उखड़ जाएगी और वहां पानी भरने लगेगा। पानी भरने से उसके आगे की गट्टियां उखड़ना शुरू हो जाएंगी।

नगर निगम निर्माण कमेटी के चेरयमैन राजेश प्रजापति ने कहा कि सड़क निर्माण में गड़बड़ी हुई है। इस मामले की शिकायत मेयर और नगर आयुक्त से की जाएगी। लॉकडाउन खुलने के बाद जब सदन का अधिवेशन होगा तब सदन पटल पर यह मामला लाया जाएगा।

अन्य खबरें