आगरा

ताजनगरी वाले होशियार, मगर भरतपुर में ढील के बाद फूटा कोरोना बम

Smart News Team, Last updated: 02/06/2020 09:13 PM IST
  • आगरा से महज 50 किलोमीटर दूर भरतपुर (राजस्थान) जिले में पिछले दिनों लॉकडाउन में ढील दी गई। चार दिन बाद ही नतीजा कोरोना बम के रूप में सामने आया। लोगों ने वहां ढील का गलत फायदा उठाया। यह सोच लिया कि कोरोना तो चला गया। अब कुछ नहीं होगा। दो दिन लगातार दो दर्जन से अधिक केस मिले।
प्रतीकात्मक तस्वीर

आगरा से महज 50 किलोमीटर दूर भरतपुर (राजस्थान) जिले में पिछले दिनों लॉकडाउन में ढील दी गई। चार दिन बाद ही नतीजा कोरोना बम के रूप में सामने आया। लोगों ने वहां ढील का गलत फायदा उठाया। यह सोच लिया कि कोरोना तो चला गया। अब कुछ नहीं होगा। दो दिन लगातार दो दर्जन से अधिक केस मिले। वहां अधिकारी घबरा गए। शहरी क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। एकाएक सख्ती बढ़ा दी गई है। आगरा में ढील मिलने जा रही है। फैसला जनता के हाथ में है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है या नहीं। लोग नियमों का पालन करेंगे तभी कोरोना का हराया जा सकता है।

27 मई को भरतपुर की गलियों का आखों देखा हाल बताते हैं। वहां आगरा की तर्ज पर दस-दस कदम की दूरी पर नाश्ते की दुकानें हैं। कोई दुकान में कचौड़ी बेचता है तो कोई ठेल पर। यह दृश्य मथुरा गेट के आस-पास के बाजार का है। सुबह आठ बजे का समय था। कोई दुकान ऐसी नहीं थी जहां एक दर्जन से अधिक लोग दौने लेकर नहीं खड़े हों। जाहिर सी बात है कचौड़ी खाएंगे तो मास्क उतारना ही पड़ेगा। खाने के बाद दुकान पर रखी टंकी के नल से हाथ धोने पड़ेंगे। मिर्च लगेगी तो दो घूंट पानी भी पीना पड़ेगा। वहां भी लोग कुछ ऐसा ही कर रहे थे। दस बजे तक लगभग पूरा बाजार खुल गया था। बाजार में पहले जैसी चहल-पहल थी। बाजार खुले एक-दो दिन ही हुए थे। लोगों ने सब्र से काम नहीं लिया। नियमों का पालन नहीं किया। मास्क लगाने और हाथ सेनेटाइज करने की आदत में भी लापरवाही बरती। 28 और 29 मई को एकाएक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ गई। 

भरतपुर वालों को लगा कि उनका शहर आगरा के नक्शे कदम पर नहीं चल निकले। यहां तो मरीजों की संख्या 800 से पार निकल चुकी है। यह बात अलग है कि बड़ी संख्या में मरीज सही हो चुके हैं। ऐसा नहीं है कि कोरोना ने किसी की जान नहीं ली है। मरने वालों की संख्या भी 40 से ऊपर निकल चुकी है। मरीज अभी भी अस्पताल में कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। इस दौरान कोरोना की कोई बेहतर दवा नहीं आई है। स्वास्थ्य सेवाओं में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालात पहले जैसे ही हैं। पॉजिटिव मरीज आइसोलेशन में भेजे जाते हैं। जो गंभीर मरीज हैं उन्हें वेंटीलेटर की जरूरत पड़ती है।

पिछले कुछ दिनों से आगरा में बाजार खुलने की बात चल रही है। एक जून से बाजार खुल भी रहा है। अब सब कुछ जनता के हाथ में है। पुलिस उन सभी लोगों के चालान नहीं कर पाएगी जो मास्क नहीं लगाए होंगे। पुलिस के तो जो सामने पड़ेगा उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि मास्क लगाएं। हाथ सेनेटाइज करें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। जहां भीड़ हो वहां नहीं जाएं। खरीददारी करते समय विशेष चौकन्ने रहें। घर जाकर जरूर नहाएं। कपड़े धोने डाल दें। सिर्फ इन बातों का ध्यान रखना है।

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