नेत्रहीन निकला साइबर क्राइम एक्सपर्ट, भाई के साथ अरेस्ट, 4 और फरार

Smart News Team, Last updated: 05/03/2021 01:11 PM IST
  • साइबर क्राइम की शिकायत पर पुलिस ने एक नेत्रहीन और उसके भाई को साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. आरोपित अपने शातिर दिमाग से नौकरी का झांसा देकर लोगों को फोन पर अपने जाल में फंसाया करता था.
साइबर ठगी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

आगरा: अखिल भारतीय अनुसूचित जाति और शोषित वर्ग उत्थान समिति के पदाधिकारी शिवराज सिंह सेंगर की शिकायत पर केंद्रीय मंत्रालय ने रेंज साइबर सेल से साइबर क्राइम की शिकायत की तब पुलिस ने एक नेत्रहीन और उसके भाई को साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. आरोपित अपने शातिर दिमाग से नौकरी का झांसा देकर लोगों को फोन पर अपने जाल में फंसाया करता था. उसके बाद उनसे खाते में पैसा जमा कराता था. गैंग ने यमुना नदी की खदरों में अपना अड्डा बना लिया था ताकि अगर पुलिस उनका पता भी लगाना चाहे तो उलझ जाए. गैंग के चार सदस्य अभी फरार हैं उनकी तलाश जारी है.

सितंबर 2020 में रामपुर के घेर मीर खान जेल रोड निवासी शिवराज सिंह सेंगर के साथ साइबर ठगी की घटना हुई थी. वह अखिल भारतीय अनुसूचित जाति और शोषित वर्ग उत्थान समिति के पदाधिकारी हैं. शातिर ने रोजगार के नाम पर उन्हें जाल में फंसा कर खाते में 10000 जमा कराए थे. धोखाधड़ी का पता चलने पर शिवराज सिंह केंद्रीय मंत्रालय में शिकायत की थी. मंत्रालय ने यह मामला जांच के लिए उत्तर प्रदेश रेंज साइबर मुख्यालय को भेजा था.

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रेंज साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि मुख्यरोपी तौफीक और उसके भाई शहजाद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है. आरोपी थाना शेरगढ़ मथुरा के गांव बाबूगढ़ के निवासी हैं. तौफीक आंखों से देख नहीं सकता है लेकिन शातिर दिमाग है. वह अपने साथी शाहरुख,मौसम और पप्पी के साथ मिलकर गैंग चला रहा था. वह लोगों को फोन करके अपने जाल में फंसाया करता था. आरोपित से 4 मोबाइल, 8 एटीएम, पैन कार्ड, आधार कार्ड और सामान बरामद हुआ है.

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कुछ इस तरह लोगों को जाल में फंसाया करता था नेत्रहीन

गिरफ्तार तौफीक ने पुलिस को बताया कि शाहरुख, मौसम और पप्पी का काम इंटरनेट और सोशल मीडिया से लोगों के मोबाइल नंबर खोजना था. वह लोग नंबर उसे दिया करते थे. वह यमुना की खादरों में बैठकर लोगों को फोन किया करता था. उसके साथी उसे बोल बोलकर नंबर बताया करते थे. वह बात करने में माहिर होने के कारण लोगों को जाल में फंसा लिया करता था. सरकारी नौकरी, सस्ते ब्याज पर लोन लॉटरी निकलने का झांसा देकर जाल में फंसाता था. तौफीक ने बताया कि खातों में रकम आने के बाद उसे एटीएम से निकाल लिया करते थे.

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