आगरा

कोख के सौदागर: अस्मिता व पति की गिरफ्तारी असली चुनौती, नेपाल पुलिस की चाहिए मदद

Smart News Team, Last updated: 21/07/2020 11:59 AM IST
  • कोख के सौदागर मामले में पुलिस सिलसिलेवार तरीके से इस नेटवर्क के तह तक पहुंच रही है। सिलीगुड़ी से गिरफ्तार कल्पना और उसके पति सूरज नारायण को पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया।
प्रतीकात्मक तस्वीर

कोख के सौदागर मामले में पुलिस सिलसिलेवार तरीके से इस नेटवर्क के तह तक पहुंच रही है। सिलीगुड़ी से गिरफ्तार कल्पना और उसके पति सूरज नारायण को पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया। दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर आगरा लाया गया था। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। वहीं कस्टडी रिमांड पर लिए गए राहुल आनंद सारस्वत को भी दोबारा जेल में दाखिल कर दिया है। लगभग एक महीने से चल रहे इस मामले में पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि अभी तक जो गिरफ्तार हुए हैं वे सभी एजेंट हैं। असली खिलाड़ी अस्मिता और उसका पति डॉक्टर विष्णुकांत हैं। उन दोनों की गिरफ्तारी के लिए नेपाल पुलिस का सहयोग बहुत जरूरी है। पुलिस ने इसके लिए आधिकारिक तौर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं।

19 जून को सबसे पहले फतेहाबाद में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे टोल प्लाजा पर नीलम, रूबी सहित पांच लोग पकड़े गए थे। तीन नवजात बच्चे मिले। पुलिस ने नीलम को रिमांड पर लिया। पांच डॉक्टरों के अभी तक बयान दर्ज हुए हैं। नीलम से मिले सुराग के बाद दिल्ली के राहुल को पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर कल्पना और उसके पति की गिरफ्तारी हुई। सभी आरोपियों से पूछताछ में नेपाल की अस्मिता और नोएडा के डॉक्टर विष्णु कांत का नाम उजागर हुआ। बाद में पता चला कि दोनों पति-पत्नी हैं। नेपाल में ही रहते हैं।

तीन साल से अस्मिता और नीलम के लिए काम कर रहे

सीओ फतेहाबाद विकास जायसवाल ने बताया कि नर्स कल्पना और सूरज से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि तीन साल से अस्मिता और नीलम के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि छह बच्चों को ही अस्मिता के हवाले करने की बात बताई है। मई 2019 में दो महिलाओं को नीलम लेकर आई थी। इस पर कल्पना ने दोनों की डिलीवरी कराई थी। दोनों महिलाओं ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। इन बच्चों को लेने के लिए अस्मिता अपने एजेंट के साथ आई थी। वह बच्चों को लेकर चली गई। उन्हें कितना कमीशन दिया? इसकी जानकारी नहीं दी है।

दो बच्चों को अस्मिता के एजेंट के हवाले किया था

नर्स होने की वजह से हॉस्पिटल में कल्पना की ओर से लाई गईं महिलाओं को भर्ती कर लिया जाता था। इसी तरह जून में नीलम और अस्मिता का फोन आने पर राहुल के माध्यम से दो बच्चों को अस्मिता के एजेंट के हवाले किया था। इसके लिए 1.10 लाख रुपये मिले थे। इनमें से कल्पना ने 20 हजार रुपये ही लिए थे। बाकी रकम राहुल के साथ आईं रूबी, मीना और चालक को दे दिए थे। उन्होंने अपनी रकम आपस में बांट ली थी।

एजेंट के माध्यम से फोन पर हुआ था अस्मिता से संपर्क

कल्पना ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह कभी नेपाल में अस्मिता से नहीं मिली है। अस्मिता से संपर्क फोन पर एक एजेंट के माध्यम से हुआ था। इसके बाद नीलम से बात होने लगी। दोनों ने एक साल पहले दो महिलाओं को भेजने के लिए कॉल किया था। तब उन्होंने तैयारी की थी। इसी तरह एक महीने पहले दो बच्चों को भेजा, तब नीलम ने कॉल किया था।

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