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संभलकर! आगरा के घनी आबादी वाले इलाकों पर है कोरोना की अधिक नजर, जानें कैसे

Smart News Team, Last updated: 05/06/2020 07:01 PM IST
  • कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा खतरा आगरा के उन इलाकों में है, जहां आबादी अधिक है। यही वजह है कि आगरा में घनी आबादी ‌वाले इलाके अब प्रशासन के रडार पर आ गए हैं।
आगरा में घनी आबादी वाले इलाके रडार पर (फाइल फोटो- पीटीआई)

आगरा, मनोज मिश्रा

कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा खतरा आगरा के उन इलाकों में है, जहां आबादी अधिक है। यही वजह है कि आगरा में घनी आबादी ‌वाले इलाके अब प्रशासन के रडार पर आ गए हैं। इसकी वजह यह है कि इन्हीं घनी आबादी वाले इलाकों में सबसे ज्यादा कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज मिले हैं। यहां के लोगों का डाटा तैयार कर उसी के अनुसार सैंपलिंग का काम शुरू किया जाएगा।

कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन के द्वारा ताजनगरी के लोहामंडी, जगदीशपुरा, शाहगंज, टेढ़ी बगिया, खटीक पाड़ा, नगला छउआ, ईदगाह बस स्टैंड के पास के इलाकों में सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए अलग से प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई है। टीम द्वारा इन इलाकों में जाकर सर्वे किया जाएगा। यहां के रहने वाले लोगों से उनकी बीमारियों के बारे में पूछकर डाटा संकलित किया जाएगा। साथ ही कोरोना के लक्षण हैं कि नहीं, उसे भी प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा। उसके बाद जरूरत होने पर उनकी सैंपलिंग की जाएगी।

इसके अलावा लोहामंडी, जगदीशपुरा और शाहगंज इलाकों में डायलिसि‌स, किडनी, कैंसर और टीबी के मरीजों का डाटा तैयार किया जाएगा। इन इलाकों से इस तरह के सबसे ज्यादा मरीज मिले हैं। साथ ही इन लोगों के संक्रमित होने के मामले भी प्रकाश में आ चुके हैं। इस तरह का डाटा एकत्र करने के बाद इन इलाकों में रहने वाले लोगों का बीबी, पल्स, सुगर चेक करने का काम भी शुरू कराया जाएगा। घनी आबादी होने के कारण इन इलाकों में डाटा संकलन का काम लंबे समय से नहीं हो पा रहा है। अब क्षेत्र के प्रमुख लोगों की मदद से इस काम को कराया जाएगा।

ये सभी शहर के वे इलाके हैं, जहां कोरोना वायरस के अब तक सबसे अधिक केस मिले हैं। इनमें से कई तो अभी तक कंटेनमेंट जोन में ही शामिल हैं। इस कारण यहां की सारी गतिविधियां अभी तक ठप पड़ी हैं। सर्वे के बाद इन इलाकों के लोगों की सैंपलिंग कराकर स्थिति स्पष्ट कर ली जाएगी। इन इलाके के लोगों पर अभी पूरी नजर भी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम को इन्हीं क्षेत्रों की अलग से जिम्मेदारी दी गई है। यहां विटामिन सी के अलावा अन्य दवाओं के वितरण का भी काम चल रहा है।

इस मसले पर जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा कि शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में सर्वे का काम शुरू कराया जाना है। यहां गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों का डाटा तैयार कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

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