करवा चौथ के चांद पर कोरोना का साया, पति आइसोलेशन में तो क्वारंटाइन है पत्नी

Smart News Team, Last updated: 04/11/2020 07:23 AM IST
  • कोरोना वायरस ने इस साल हर त्योहार को प्रभावित किया है, आज देश भर में सुहागिन स्त्रियां करवा चौथ का त्योहार मनाएंगी लेकिन कोरोना के कारण कितनी ही पत्नियां और पति इस साल का करवा चौथ साथ नहीं मना पाएंगे.
करवा चौथ के चांद पर कोरोना का साया, पति आइसोलेशन में तो क्वारंटाइन है पत्नी

आगरा: हर त्योहार की तरह इस साल सुहागन महिलाओं के प्रमुख त्योहार करवा चौथ पर भी कोरोना का असर साफ दिखाई दे रहा है. कुछ मामले में ऐसे हैं कि पति कोविड संक्रमित होकर आइसोलेशन में है, तो दूसरी तरफ पत्नी घर पर क्वारंटाइन है. इस बार करवाचौथ पर यह दिक्कत कई जोड़ों के सामने है. ऐसे में केवल वीडियो काल एक विकल्प हो सकता है, लेकिन यह भी लगभग सभी को मुहैया नहीं है.

इधर तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण कुछ पत्नियां भी कोविड वार्ड में हैं, इस बार उनकी पूजा में खलल पड़ गया है. गौरतलब है कि इंसान, बाजार, रिश्ते, धार्मिक कर्मकांड, परंपराएं और त्यौहार, कोरोना संक्रमण ने इन सभी को प्रभावित किया है. आपको बता दें कि बुधवार को पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का प्रतीक करवाचौथ है. इस त्यौहार में भी कोविड ने खलल डाल दिया है. होम आइसोलेशन वाले तो ठीक, लेकिन आइसोलेशन वार्डों में भर्ती मरीजों का त्यौहार फीका रहेगा. शहर के एसएन मेडिकल कालेज के आइसोलेशन में मंगलवार रात तक 20 पुरुष मरीज भर्ती हैं. जिसमें से सभी शादीशुदा हैं. इसके साथ ही 15 महिलाएं भी इलाज करा रही हैं. इनके अलावा निजी अस्पतालों में भी मरीज भर्ती हैं. वहीं होम आइसोलेशन को मिलाकर कुल 388 एक्टिव कोरोना केस हैं. इनमें से 35-40 प्रतिशत लोग अस्पतालों में हो सकते हैं. इनका त्यौहार इस बार अच्छा नहीं रहेगा. लेकिन यह बात अलग कि ऐसे दंपति इस करवाचौथ को भूल भी नहीं पाएंगे.

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एक ओर जिनके पति अस्पतालों में हैं, उन पत्नियों का बाहर निकलना मुश्किल है. साथ ही जिन घरों में संक्रमित पाए गए हैं, उनमें कोई जाना पसंद नहीं करेगा. ऐसे में पत्नियों के पास केवल वीडियो काल का विकल्प मौजूद है, लेकिन हर महिला के साथ ऐसा नहीं हैं. बता दें कि अस्पतालों में कई मरीज बेहद गरीब हैं. उनके पास किसी भी तरह का फोन नहीं हैं.

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दूसरी ओर अस्पताल में भर्ती महिला मरीजों की अजीब मुश्किल है. वे पूजा भी नहीं कर सकतीं. अमूमन तो पूजन सामग्री का प्रबंध होना मुश्लिकल है साथ ही पूरे दिन निर्जला व्रत रहना असंभव है. कारण कि दिन में कई बार दवाइयां लेनी पड़ती हैं. यही नहीं कोविड के प्रोटोकाल के मुताबिक पौष्टिक खाना भी खाना होता है.

 

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