साइबर क्राइम: आगरा में रिटायर दारोगा के अकाउंट से ठगों ने उड़ाए 7.36 लाख रुपये

ABHINAV AZAD, Last updated: Mon, 20th Sep 2021, 12:12 PM IST
  • शनिवार को रिटायर दारोगा के पास एक फोन आया. फोन करने वाले शख्स ने खुद को ट्रेजरी अफसर बताया. फ्रॉड के साथ फोन पर बातचीत के बाद उन्होंने बैंक पासबुक और आधार कार्ड की फोटो व्हाट्सएप पर भेज दी. जिसके कुछ देर बाद ही उनके खाते से ऑनलाइन 7.36 लाख रुपये निकल गए.
(प्रतीकात्मक फोटो)

आगरा. साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. वक्त के साथ साइबर फ्रॉड अलग-अलग तरीका ईजाद कर रहे हैं. ताजा मामला उत्तर प्रदेश के आगरा का है. जहां साइबर फ्रॉड ने एक रिटायर दारोगा को अपना शिकार बनाया. ठगों ने इस दौरान रिटायर दारोगा के अकाउंट से 7.36 लाख रुपये उड़ा दिए. पीड़ित का नाम राज बहादुर सिंह है और वह कालिंदी विहार स्थित नंदा सिटी में रहते हैं. शनिवार को उनके पास एक फोन आया. फोन करने वाले शख्स ने खुद को ट्रेजरी अफसर बताया.

दरअसल, फ्रॉड के पास पहले रिटायर दारोगा से संबंधित पूरी जानकारी थी. इसलिए रिटायर दारोगा ने फ्रॉड को ट्रेजरी अफसर समझ लिया. फ्रॉड के साथ फोन पर बातचीत के बाद उन्होंने बैंक पासबुक और आधार कार्ड की फोटो व्हाट्सएप पर भेज दी. शातिर ने उनसे एटीएम के आखिर के चार नंबर भी पूछे. उसके बाद फोन कट गया. कुछ देर बाद ही उनके खाते से ऑनलाइन 7.36 लाख रुपये निकल गए. यह पता चलते ही वह सदमे में आ गए. उनकी तबियत बिगड़ गई. परिजन डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे.

होमगार्ड को पुलिस भर्ती का नकली एडमिट कार्ड देकर लाखों की ठगी, ऐसे किया फ्रॉड

पीड़ित के बेटे ने कहा कि उन्होंने बैंक में शिकायत की थी. लेकिन बैंक वालों ने कहा कि पुलिस में शिकायत करें. जिसके बाद पुलिस के पास भी शिकायत की गई है. दरअसल, रिटायर होने वाले कर्मचारी और पेंशनर साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं. चूंकि, साइबर अपराधियों के पास उनका डाटा है. इस डाटा के आधार पर वह संबंधित शख्स को कॉल करते हैं. पिछले दिनों एक फालवर के खाते से रिटायरमेंट में मिली पूरी रकम निकल गई थी. इससे पहले तीन पुलिस कर्मियों के साथ ऐसे ही घटना हुई थी. जांच में आरोपियों के तार झारखंड और बिहार से जुड़े थे.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें