आगरावासियों का सांस लेना हुआ मुश्किल, हवा से आंखों में भी हुई जलन

Smart News Team, Last updated: Fri, 6th Nov 2020, 2:39 PM IST
  • आगरा में सर्दी बढ़ने के साथ ही प्रदूषण के स्तर में भी 100 अंकों का उछाल आया है. गुरुवार को केंद्रीय प्रदूषण निंयत्रण बोर्ड ने आगरा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स-एक्यूआई) 373 एक्यूआई दर्ज किया.
आगरा में बढ़ता जा रहा प्रदूषण सांस लेना हुआ मुश्किल

आगरा: आगरा में जैसे-जैसे सर्दियां नजदीक आ रही हैं, वैसे-ैसे ही यहां की हवा और खतरनाक होती जा रही है. दरअसल, आगरा में चारों और धुंध गहराने के कारण स्मॉग छाने लगा है, जिससे आगरावासियों के आंखों में जलन और शाम को सांस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतें सामने आ रही हैं. बताया जा रहा है कि एकाएक धुंध और सर्दी बढ़ने के साथ ही प्रदूषण के स्तर में भी 100 अंकों का उछाल आया है. गुरुवार को केंद्रीय प्रदूषण निंयत्रण बोर्ड ने आगरा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स-एक्यूआई) 373 एक्यूआई दर्ज किया.

रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के जिले आगरा की हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड 30 गुना ज्यादा होने, धूल कणों की मात्रा बढ़ने से हवा की हालत बेहद खराब हो गई है. इससे यहां लोगों को सांस लेने में मुश्किलें आ रही हैं. इसके साथ ही अनुमान जताया जा रहा है कि आने वाले चार दिनों में स्मॉग की चादर और गहरा सकती है, साथ ही प्रदूषण का स्तर भी बेहद खतरनाक हो सकता है.

आगरा: सैलानियों की सुरक्षा के लिए ताजमहल की मुख्य गुंबद पर लगाई जा रही रेलिंग

बीते गुरुवार रात 11 से एक बजे के बीच आगरा में पार्टिकुलेट मैटर 2.5 कणों की मात्रा उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जो कि सामान्य से 7 गुना ज्यादा यानी 443 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर थी. हालांकि पूरे दिन ही धूल कणों की संख्या 350 से ज्यादा बनी रही जो सामान्य से 6 गुना ज्यादा है. कार्बन मोनोऑक्साइड की खतरनाक मात्रा सबसे ज्यादा शाम 4 बजे और रात 9 बजे रही, जबकि सल्फर डाईऑक्साइड की सबसे अधिक मात्रा रात दो से तीन बजे के बीच रही.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें