दवा व्यापारी सुसाइड केस: खुदखुशी से पहले पत्नी को लेकर तगादा करने गया था रविकांत

Smart News Team, Last updated: Fri, 30th Jul 2021, 11:49 AM IST
  • दवा व्यापारी रविकांत गुप्ता आत्महत्या मामले में परिजनों से बातचीत में पता चला है कि रविकांत अपनी बीमार पत्नी के इलाज के लिए तीनों सट्टेबाजों से लगातार तगादा कर रहा था. खुदखुशी करने से कुछ दिन पहले वह अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर बबलू दवाई के घर तगादा करने गया था.
सट्टेबाजों पर रविकांत गुप्ता को सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप (प्रतीकात्मक तस्वीर)

आगरा. कमला नगर निवासी दवा व्यापारी रविकांत गुप्ता आत्महत्या मामले में पुलिस जांच के दौरान महत्वपूर्ण बातों का खुलासा हुआ है. परिजनों से पूछताछ में पता चला है कि रविकांत की पत्नी चंचल कैंसर पीड़ित थी. जिसके इलाज के लिए रविकांत को रुपये की जरूरत थी. जिसके लिए वह लगातार बबलू दवाई, योगेश दवाई और दीपक भर्रा से तगादा कर रहा था. आत्महत्या करने से कुछ दिन पहले भी वह पत्नी और बच्चों को साथ लेकर बबलू दवाई के घर तगादा करने गया था. लेकिन बबलू के भाइयों ने पूरे परिवार के साथ अभद्रता की और उसकी पत्नी चंचल को धक्का देकर घर से निकाल दिया था.

रविकांत के मोबाइल से भी उसके घरवालों को अहम सबूत मिले है. उसके मोबाइल में चार छोटे-छोटे वीडियो मिले है. जिसे रविकांत ने आत्महत्या करने से पहले बनाया था. इस वीडियो में दवा व्यापारी ने बबलू दवाई, योगेश दवाई और दीपक भर्रा का नाम लेकर बोला है कि इन लोगों के पास उसके रुपये है. वीडियो में रविकांत ने अपनी पत्नी और भाई को बच्चो का ख्याल रखने के लिए बोला है. इसके अलावा वीडियो में एक चिट्ठी का भी जिक्र है. उसने बताया है कि एक चिट्ठी छोड़ी है. जिसमें लिखा है कि किस व्यापारी पर कितने रुपये है और उनका नंबर क्या है. रविकांत ने इन नंबरों पर फोन करने को भी कहा.

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दवा व्यापारी के मामा संतोष गुप्ता ने बताया कि उनका भांजा कमजोर नहीं था. उसे खुदखुशी करने के लिए सट्टेबाजों ने मजबूर कर दिया था. उसके हालातों ने भी उसे तोड़ दिया था. रविकांत को कैंसर से पीड़ित अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए रुपयों की जरूरत थी. जिस कारण वह तीनों सट्टेबाजों से लगातार तगादा कर रहा था. साथ ही उन्हें यह भी बता रहा था कि उनके कारण रविकांत को राजकोट छोड़ना पड़ा. उसका सब कुछ बिक गया. अगर रुपये नहीं मिले तो वह पत्नी का इलाज कैसे कराएगा. लेकिन तीनों आरोपी किसी भी हाल में रविकांत का कर्जा चुकाने को तैयार नहीं थे.

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