15 रुपए का टैबलेट 400 में खरीदकर 800 में बेचते हैं डॉक्टर और दवा दुकानदार

Smart News Team, Last updated: Wed, 10th Feb 2021, 3:54 PM IST
  • नकली दवा बनाने और बेचने के मामले में आगरा और मथुरा से पकड़े गए तीनों आरोपियों से मंगलवार को औषधि विभाग के अधिकारियों ने पूछताछ की. पूछताछ में पता चला कि वे 15 रुपए में 10 गोलियों की स्ट्रिप तैयार करके मरीजों को 800 रुपए में बेचा जाता था.
नकली दवाओं के निर्माण बौर बेचने के मामले में आगरा और मथुरा से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. प्रतीकात्मक तस्वीर

आगरा. आगरा में नकली दवाओं को बनाने और बेचने के मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों से औषधि विभाग ने मंगलवार को पूछताछ की है. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 15 रुपए में 10 गोलियों की स्ट्रिप तैयार करते थे. जिसे लोगों को 800 रुपए में बेचा जाता था. इस पूरे सौदे में डाॅक्टर्स और मेडिकल स्टोर्स में शामिल हैं. पूछताछ के बाद आरोपियों को पुलिस को सौंप दिया गया है. 

इस बारे में औषधि निरीक्षक नरेश मोहन ने कहा कि इनके खिलाफ नकली दवाओं का निर्माण करके जान से खिलवाड़ करने जैसे अपराधों में मुकदमा पंजीकृत किया गया है. सभी से विस्तृत पूछताछ की गई है. उन्होंने अपना जुर्म कबूल लिया है. तीनों को सिकंदरा पुलिस को सौंप दिया गया है. पकड़े गए तीनो आरोपियों में धीरज राजौरा, प्रदीप राजौरा और धीरज शर्मा हैं.

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औषधि विभाग ने तीनों आरोपियों से मंगलवार को विस्तार से पूछताछ की है. पूछताछ में राजौरा बंधुओं ने कहा कि वे नकली दवाएं बनाकर उन पर तगड़ी एमआरपी डालते थे. अधिक प्रयोग होने वाली दवाओं की नकल तैयार करते थे. आगरा और मथुरा में बरामद गाबा एक्सएनटी दवा की 10 टैबलेट की स्ट्रिप वे 15 रुपए में तैयार करते थे और 800 रुपए एमआरपी डालते थे.

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पूछताछ में उन्होंने बताया कि इन दवाओं को 400 रुपए प्रति स्ट्रिप के हिसाब से डाॅक्टरों को देते थे और डॉक्टर 800 रुपए के हिसाब से मरीजों को बेच देते थे. मेडिकल स्टोर और देहात के झोलाछाप को भी इसी तरह से बेच देते थे. इतना कमीशन किसी दवा कंपनी नहीं मिलता है इसलिए वो तैयार हो जाते थे. आरोपियों ने दवाओं को बेचने वाले डाॅक्टरों और मेडिकल स्टोर्स की जानकारी देने से इंकार कर दिया. पूछताछ के बाद उनको सिकंदरा पुलिस को सौंप दिया गया है.

 

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