यूपी में हुई बिजली कटौती की वजह से लोगों की मुश्किलें बढ़ी, 50 करोड़ प्रभावित

Smart News Team, Last updated: 06/10/2020 08:33 PM IST
उत्तरप्रदेश में निजिकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल आज खत्म हो गई है.
यूपी में हुई बिजली कटौती की वजह से लोगों की मुश्किलें बढ़ी, 50 करोड़ प्रभावित

आगरा. निजिकरण के विरोध में हड़ताल पर बैठे बिजली कर्मचारियों की हड़ताल अभी कुछ देर पहले ही खत्म हो गई है. कर्मचारियों और सरकार के बीच समझौता हो गया है। इसमें निर्णय लिया गया कि सभी बिजली कर्मचारी काम पर वापस लौटेंगे और जहां-जहां बिजली आपूर्ति बाधित है वहां बहाली की जाएगी। दरअसल विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल अब दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) को अखरने लगी थी। वहीं यूपी पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने भी मंगलवार शाम 4 बजे से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी थी।

सोमवार से जारी इस हड़ताल में डीवीवीएनएल के 50 करोड़ रुपये प्रभावित हुए हैं। बिल संशोधन से लेकर 33/11 केवी की लाइनों के फॉल्ट अटेंड भी नहीं हो रहे हैं। कार्यालयों का कामकाज पूरी तरह से ठप है। जानकारों का कहना हैं कि आगरा देहात में फॉल्ट की संख्या बढ़ी तो सप्लाई ठप हो जाएगी और उसे संभालना मुश्किल हो जाएगा। 

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बता दें, डीवीवीएनएल आगरा सहित 21 जिलों में बिजली आपूर्ति देता हैं। पूर्वांचल के निजीकरण के विरोध में डीवीवीएनएल के कर्मचारी में भी रोष है। वे पिछले दो दिन से पूर्ण कार्य बहिष्कार पर हैं। इससे सप्लाई और राजस्व वसूली पर बड़ा असर दिखाई दे रहा है। दो दिन से आगरा में करीब पांच करोड़ रुपये की राजस्व वसूली प्रभावित हुई है। यदि इसे डीवीवीएनएल के 21 जिलों में देखें तो औसतन करीब 50 करोड़ रुपये का राजस्व प्रभावित हुआ है। वहीं, बिल संशोधन, 33/11 केवी की लाइनों में ब्रेक डाउन भी अटेंड नहीं हो रहे हैं। 

बिचपुरी, खेरागढ़, बाह, अछनेरा, शमसाबाद, फतेहपुरसीकरी आदि क्षेत्रों में फॉल्ट की समस्या आई है। मगर, इससे अधिकांश व्यवस्थाएं ध्वस्त नहीं हुई हैं। जानकारों का कहना हैं कि हालात पर काबू नहीं पाया तो जिले में बिजली संकट और गहरा जाएगा। 

अभी इस समय प्रदेश के 18 जिलों में बिजली का संकट गहराया हुआ है। वहीं पॉवर कॉर्पोरेशन के पास कोई पुख्ता इंतजाम दिखाई नहीं दे रहा है। 

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