आगरा: साइबर ठगों की फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनी पर ताला, चार और सदस्य गिरफ्तार

Smart News Team, Last updated: 14/09/2020 12:40 AM IST
  • आगरा के साइबर ठगों की फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनी पर साइबर सेल ने ताला जड़ दिया है. गैंग के चार और सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. यह ठग कंपनी लाखों रुपए इधर से उधर कर रही थी.
प्रतीकात्मक तस्वीर

आगरा: साइबर के ठगों की फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनी पर साइबर सेल ने ताला जड़ दिया है और सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. अगस्त में इसी गैंग के तीन सदस्यों एत्मादद्दौला के गुलाब नगर निवासी किशन सिंह ,दीपक तोमर और चंद्र नगर निवासी अतुल को जेल भेजा गया था जबकि 4 सदस्य उस समय पुलिस के हाथ नहीं आए थे. यह ठग कंपनी एक कमरे में बैठकर लाखों रुपए इधर से उधर कर रही थी.

यह ठग कंपनी उन लोगों को अपना निशाना बनाती दी थी जो हर जानकारी के लिए गूगल सर्च करते हैं. जैसे सस्ता सामान कहां मिलेगा ,सस्ता ट्रांसपोर्ट कौन मुहैया कराता है और यह ठग ऑनलाइन सर्विसेज के लिए जस्ट डायल, ई- ट्रक और ओएलएक्स पर अपने नंबर रजिस्टर कर आते थे .जो भी ऑनलाइन इनके नंबर सर्च करके फोन करता था .वह ठगी का शिकार हो जाता था. न्यू आगरा क्षेत्र के व्यापारी गिरिराज शर्मा से 50 हजार की ठगी की गई थी. उन्होंने बताया कि जब मैंने लॉकडाउन में महाराष्ट्र से सस्ते दामों पर प्याज मंगवाने के लिए ऑनलाइन नंबर सर्च किया था तो मुझे मुझे जो नंबर मिला था .वह ठग कंपनी का था और कंपनी ने उन्हें ठग लिया था.

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एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि बाईंपुर, सिकंदरपुर निवासी राम अवतार, अंकुश तोमर ,नीरज उर्फ बबलू शर्मा को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है. रामअवतार गैंग के लिए फर्जी आईडी पर बैंक खाता खुलवाया करता था . गैंग को सिम कार्ड मुहैया कराता था. वही रामअवतार गैंग का सरगना है. नीरज ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को क्या इसमें बदला करता था. खातों में रकम को निकालना उसकी जिम्मेदारी थी .बबलू शर्मा ऐसे लोगों को तलाश करता था जो बेरोजगार है. उनके नाम पर खाता खुलवाया था उन लोगों से बैंक खाते किराए पर लिए जाते थे और सभी लोगों की मिलीभगत से यह कंपनी लोगों को ठगने का काम करती थी.

 

 

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