आगरा

खाकी का रौब? आगरा के कमलानगर में सिपाहियों ने कारोबारी को बेरमही से पीटा

Smart News Team, Last updated: 03/06/2020 02:58 PM IST
  • आगरा में कमला नगर में खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक चेहरा सामने आया। बाइक सवार दो पुलिस कर्मियों ने ट्रांसपोर्टर राकेश गुप्ता को उनके घर के बाहर डंडों से बेरहमी से पीटा।
UP Police (File Photo)

आगरा में कमला नगर में खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक चेहरा सामने आया। बाइक सवार दो पुलिस कर्मियों ने ट्रांसपोर्टर राकेश गुप्ता को उनके घर के बाहर डंडों से बेरहमी से पीटा। शोर शराबा होने पर भीड़ जमा हो गई। मदद के लिए परिवार की एक महिला चीखते हुए बाहर आई। हंगामा होने पर मेयर नवीन जैन मौके पर आ गए। उन्हें भी व्यापारियों के गुस्से से रूबरू होना पड़ा। मारपीट की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। वीडियो वायरल होते ही एसएसपी ने आरोपी हेड कांस्टेबिल राकेश शर्मा और सिपाही दिनेश को निलंबित कर दिया।

घटना बुधवार सुबह नौ बजे की है। कमला नगर सी-32 निवासी राकेश गुप्ता ट्रांसपोर्ट व्यवसायी हैं। राकेश ने बताया कि अनुसार उनके छोटे भाई संजय गुप्ता न्यूरो सर्जन हैं। वह घर से 100 मीटर दूर से दूर मेडिकल स्टोर पर स्कूटर से दवा लेने जा रहे थे। रास्ते में पुलिस की चेकिंग हो रही थी। यह देख वह वापस लौट लिए। उनके पास हेलमेट नहीं था। यह सोचकर घर से निकले थे कि चंद कदम दूर जाना है। पुलिस को देखा तो लगा कि हेलमेट पहनकर आएंगे। वह स्कूटर से घर के गेट पर आकर रुके। पीछे-पीछे बाइक पर दो पुलिस कर्मी आए। बिना कुछ कहे बाइक से उतरे और गालियां देना शुरू कर दिया।

एक पुलिस कर्मी ने डंडे से हमला बोल दिया। राकेश गुप्ता मदद के लिए चीखने लगे। भयभीत हो गए। समझ ही नहीं पाए कि उनसे क्या अपराध हो गया। पुलिस ने उन पर हमला क्यों बोला है। शोर शराबा होने पर कालोनी वासी घरों से बाहर आ गए। राकेश गुप्ता की चीख सुनकर परिवार की एक महिला दौड़कर उन्हें बचाने आई। लोगों ने घटनाक्रम अपनी आंखों से देखा। पुलिस का यह रूप देखकर लोगों में रोष फैल गया। कार्रवाई की मांग होने लगी। इसी बीच मेयर नवीन जैन वहां आ गए। लोगों ने उनके साथ भी नाराजगी जाहिर की। कहा कि कारोबारी क्या पिटने के लिए है। टैक्स कारोबारी देता है। दान कारोबारी करता है। मदद कारोबारी करता है। उसके बावजूद पिटेगा भी कारोबारी। यह कहां का इंसाफ है। यह वही पुलिस है जिस पर कारोबारी ने फूल बरसाए थे। ऐसी पुलिस नहीं चाहिए। मामले ने तूल पकड़ लिया।

सूचना पर एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद मौके पर आ गए। तब तक पुलिस कर्मियों की गुंडई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। एसएसपी ने भी देखा। एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से दोनों पुलिस कर्मियों को निलंबत कर दिया। पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी ने पीड़ित कारोबारी को समझाया। उनसे कहा कि पुलिस की इस हरकत पर वह भी शर्मिंदा हैं। दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

सोशल मीडिया में वायरल हुआ पुलिस की गुंडई का वीडियो

वर्दी का मतलब यह नहीं है कि पुलिस सड़क चलते किसी को रोककर पीटना शुरू कर देती। पिछले एक साल में कमला नगर के लोगों ने कभी किसी बदमाश की भी इस तरह सड़क पर पिटाई नहीं देखी। शरीफों के साथ मारपीट की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई घटनाएं हुई हैं। कार्रवाई भी हुई है। कमला नगर में पुलिस कर्मियों की गुंडई सीसीटीवी में कैद हो गई थी। सीसीटीवी फुटेज न होता तो पुलिस अपनी सफाई में यह बोल देती कि सिर्फ कहासुनी हुई थी। वीडियो ने पुलिस की गुंडई की हकीकत सभी के सामने बयां कर दी। अधिकारियों के पास भी कोई जवाब नहीं बचा। आखिरकार उन्हें कार्रवाई करनी पड़ी।

दोनों पुलिस कर्मियों ने पीटा

बाइक पर सवार एक नहीं दोनों पुलिस कर्मियों ने मारपीट की थी। वीडियो में साफ दिख रहा है। बाइक स्कूटर के पीछे आई। बाइक रुकी। पहले पीछे बैठा सिपाही उतरा। उसने डंडे से हमला बोला। दूसरा पुलिस कर्मी बाइक खड़ी करके आया। उसने पहले वाले से डंडा अपने हाथ ले लिया। दनादन कई बार डंडे से प्रहार किया। कारोबारी ने यही पूछते रहे कि क्या हुआ। मार क्यों रहे हो। पुलिस कर्मी गालियां देते जा रहे थे और पीटते जा रहे थे।

बोला दीवान बीस मीटर तक घसीटा

एसपी सिटी ने प्रारंभिक जांच के दौरान आरोपित पुलिस कर्मियों से उनका पक्ष पूछा। आरोपित दीवान राकेश शर्मा ने कहा कि चेकिंग चल रही थी। एक स्कूटर आया। रोकने का प्रयास किया। पीछे से पकड़ा तो स्कूटर सवार ने स्कूटर दौड़ा दिया। बीस मीटर तक उसे घसीटा। रोकने का प्रयास करने पर गालियां दीं। इधर-उधर स्कूटर घुमाया। वे पीछा करते हुए उसके घर के बाहर तक आए। आते ही गुस्से में मारपीट कर दी। यह गलत है। ऐसे तो कोई भी चेकिंग के दौरान पुलिस को गालियां देकर भाग जाएगा। पुलिस उसे नहीं पकड़े तो ठीक है। पकड़कर थोड़ी सख्ती कर दी तो गुनाह हो गया। चेकिंग के दौरान पुलिस ने सिर्फ एक स्कूटर का पीछा क्यों किया। इसकी भी जांच होनी चाहिए।