आगरा: विष्णु को लेकर मानवाधिकार आयोग ने पुलिस से किया सवाल, 19 साल कैद की मांगी

Smart News Team, Last updated: 07/03/2021 03:25 PM IST
  • आगरा में विष्णु तिवारी की गिरफ्तारी और उसके द्वारा 19 साल जेल में सजा काटने के लोकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लोकसेवकों से सवाल किया है, साथ ही विस्तृत रिपोर्ट की भी मांग की है.
20 साल से रेप केस में जेल में बंद विष्णु निकला निर्दोष, अब तक रिहाई का इंतजार

आगरा. आगरा के विष्णु तिवारी को रेप के आरोप में 19 साल तीन महीने तक जेल में सजा काटनी पड़ी. विष्णु तिवारी को निर्दोष होने के बावजूद जेल में सजा काटनी पड़ी, जिसे लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पुलिस पर सवाल खड़ा किया है. आयोग ने लोक सेवकों से सवाल करते हुए पूछा कि बेगुनाह होते हुए भी विष्णु 19 साल लगातार जेल में क्यों रहा. मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी से छह सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट देने की भी मांग की है.

इससे इतर एक सामाजिक कार्यकर्ता ने आयोग में शिकायत कर विष्णु को मुआवजा देने की भी मांग की है. बता दें कि इस समय विष्णु तिवारी की उम्र 46 वर्ष है, उसके खिलाउफ साल 1999 में रेप और एससीएसटी एक्ट की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. पुलिस ने मामले को लेकर उसके खिलाफ चार्जशीट भी लगाई थी, जिसके बाद अदालत ने विष्णु तिवारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

आगरा पुलिस का दवा तस्करों के लिए तैयार ये एक्शन प्लान, जल्द ही होगी कार्रवाई

विष्णु को साल 2003 में आगरा सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था और यहां 14 साल सजा काटने के बाद भी उसकी रिहाई नहीं की गई. बताया जा रहा है कि जेल अपील के जरिए विधिक सेवा के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में उसकी याचिका प्रस्तुत की थी. वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीते 28 जनवरी, 2021 को यह फैसला सुनाया कि विष्णु तिवारी निर्दोष हैं, साथ ही उसकी रिहाई के भी आदेश दिये गए. ऐसे में तीन मार्च को केंद्रीय कारागार प्रशासन ने उसे रिहा कर दिया.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें