बच्चों के लिए जानलेवा बीमारी है स्ट्रेन-2 डेंगू, दिमाग से होने लगती है ब्लीडिंग

Smart News Team, Last updated: Sun, 12th Sep 2021, 3:10 PM IST
  • यूपी में इन दिनों स्ट्रेन-2 डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. स्ट्रेन 2 के इस बीमारी के शिकार सबसे ज्यादा बच्चे हो रहे है. स्ट्रेन-2 के डेंगू में फेफड़े, लिवर और दिमाग में सूजन होने लगता है. साथ ही दिमाग में ब्लीडिंग होने लगता है जिससे मरीज की मौत भी हो जाती है.
बच्चों के लिए जानलेवा बीमारी है स्ट्रेन-2 डेंगू, दिमाग से होने लगती है ब्लीडिंग (फाइल फोटो)

आगरा. उत्तर प्रदेश में डेंगू तेजी से फैल रहा है. स्ट्रेन-2 डेंगू इंसान के दिमाग, फेफड़े, और लिवर को नुकसान पहुंचा रहा है. स्ट्रेन-2 के मरीज के दिमाग में ब्लीडिंग होने लगती है जिससे मरीज की मौत भी जो जाती है. डेंगू का स्ट्रेन-2 बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है. अब तक कुल मरीज में 80 प्रतिशत मरीज बच्चे ही हैं. आगरा में डेंगू के 29 मरीज मिले हैं. जिनमें 11 बच्चे हैं 

स्ट्रेन-2 बच्चों के लिए कितना घातक है इसपर जानकारी देते हुए बाल रोग विभाग के डॉ नीरज यादव ने बताया कि डेन-2 स्ट्रेन बच्चों पर ज्यादा असर डालता है. इसमें लिवर, फेफड़ा और दिमाग को नुकसान पहुंचता है. एसएन के बाल रोग के डेंगू वार्ड में लगभग 36 बच्चे भर्ती हैं. जिनमें फिरोजाबाद के बच्चे सबसे ज्यादा हैं. आईसीएमआर के एक रिसर्च में डेंगू के डेन-2 स्ट्रेन की पुष्टि हुई है. जिसमे 14 बच्चों के लिवर और दिमाग में सूजन मिली. साथ ही फेफड़े और लिवर में पानी भरा मिला. हालांकि इलाज से इनमें सुधार भी हो रही है और ये ठीक भी हो रहे हैं.

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इधर सीएमओ डॉ अरुण श्रीवास्तव ने आगरा में स्ट्रेन-2 डेंगू के मामले पर बताया कि यहां डेंगू के कुल 19 मरीज मिले हैं जिनमें से 11 बच्चे हैं. इनकी उम्र साढ़े तीन साल से 15 साल तक है. ये सभी बच्चे शहर के निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं. वहीं एसएन कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अंकुल गोयल ने कहा कि अगर कोई मरीज डेंगू के किसी स्ट्रेन से पहले बीमार हो चुका है और अगली बार किसी दूसरे स्ट्रेन का शिकार हो जाता है तो ये और भी खतरनाक बन जाता है. उन्होंने बताया है कि जिन बच्चों में डेन-2 स्ट्रेन मील हैं वे पहले भी डेंगू के शिकार हो चुके है.

माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ विकास गुप्ता ने बताया कि डेंगू के चार सिरोटाइप होते हैं, जिसे डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 कहा जाता है. इनमें से डेन 2 सबसे ज्यादा खतरनाक है. डेन-2 स्ट्रेन वाले मरीज के दिमाग से खून का बहाव होने लगता है जिससे मरीज की मौत भी हो जाती है. डेंगू से बचने के लिए घरों के पास पानी ना जमने दें. पानी की ढककर रखना चाहिए. पुराने टायर और डब्बों में पानी नहीं भरने देना चाहिए. पानी जमने वाले जगहों जैसे गड्ढों और नालियों में किरासन का छिड़काव करना चाहिए.

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