इंस्पेक्टर ने रिश्वत लेकर महिला दरोगा को फंसाया, दरोगा मांग रहीं इंसाफ

Smart News Team, Last updated: Thu, 12th Nov 2020, 3:50 PM IST
  • पुलिस विभाग तो केस को निपटाने के लिए हर जगह मशहूर रहता है. किंतु इस बार खुद इंस्पेक्टर ने रिश्वत लेकर महिला दरोगा को फंसा दिया है. जिसकी जांच भी चल रही है और इस बात कबूलनामा महिला ने सीओ के सामने भी किया है.
इंस्पेक्टर ने रिश्वत लेकर महिला दरोगा को फंसाया है.

पुलिस विभाग तो केस को निपटाने के लिए हर जगह मशहूर रहता है. किंतु इस बार खुद इंस्पेक्टर ने रिश्वत लेकर महिला दरोगा को फंसा दिया है. जिसकी जांच भी चल रही है और इस बात कबूलनामा महिला ने सीओ के सामने भी किया है.

आगरा: इन दिनों शहर के पुलिस विभाग में रिश्वतकांड ने हड़कंप मचा दिया है. मामला अछनेरा थाने का है जहां तैनात महिला दरोगा को रिश्वत देकर उसी के सीनियर इंस्पेक्टर ने फंसा दिया है. यह खेल एक मुकदमा के तहत किया गया है जो आज भी लंबित है. बता दें कि वर्तमान में दोनों ही इस थाने में तैनात नहीं है. इसके अलावा प्रारंभिक जांच में महिला दरोगा को दोषी पाया गया है. वहीं, प्रश्न यह भी उठ रहा है कि इंस्पेक्टर को बचाया जा रहा है जिसमें वह भी दोषी है. वहीं, एक ऑडियो के वायरल होने पर एसएसपी ने सीओ अछनेरा को प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं.

 

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ऑडियो में महिला दरोगा कह रही है कि उसे इंस्पेक्टर ने फंसा दिया है. इसके अतिरिक्त उसे कुछ पता नहीं है और वो विभाग में नई है. वहीं, कुछ पुलिस कर्मियों ने भी इस बात की पुष्टि की है. हुआ यूं कि एक महिला ने अपने पति और ससुर के विरुद्ध मुकदमा लिखवाया था. इसमें आरोप था कि उसके साथ छेड़छाड़ और आप्रकृतिक कृत्य किए गएं. जो आज भी लंबित है. वहीं, मामले में नया मोड़ तब आ गया जब केस डायरी में आरोपियों को राहत देने के लिए जीडी में एक नई धारा डाल दी गई. इसके साथ ही लिखा गया कि साक्ष्यों के अभाव में धारा 377 व 354 ख लोप हो गई. साथ ही जीडी की नकल आरोपित को दे दी गई और वे हाईकोर्ट चले गए. जहां से फौरन उन्हें राहत दे दी गई.

 

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एक दूसरे वायरल ऑडियो में महिला दरोगा कह रही है कि वह तो फंस गई. उसे तो शहीद पिता की जगह नौकरी लगी थी और इंस्पेक्टर ने 40 हज़ार रुपये रिश्वत ली जिसमें इंस्पेक्टर ने खुद तीस हज़ार लिए और उसे दस हज़ार रुपये दिए. इसके अलावा उसने यही बयान सीओ के समक्ष पेशी में भी कहा है. इसके बावजूद उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. इस ऑडियो में एक व्यक्ति महिला दरोगा से कह रहा है कि बयान देने से पहले बात कर लेनी चाहिए थी. अब एसएसपी ही बचा सकते हैं और अगर वो चाहेंगे तो कुछ नहीं होगा. जबकि, इंस्पेक्टर जुगाड़ वाला है. इस पूर प्रकरण पर एडीजी आनंद ने बताया कि इस मामले पर एसएसपी से जानकारी जुटाई जाएगी और भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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