आगरा में है घटिया आजम खां, जानें क्यों पड़ा ऐसा नाम और क्या है खासियत

Smart News Team, Last updated: Sat, 13th Feb 2021, 12:36 PM IST
  • आगरा में घटिया आजम खां एक जगह का नाम है. लेकिन ऐसा नाम क्यों पड़ा इसका भी एक अपना ही इतिहास है. केवल इतना ही नहीं ये जगह आगरा के लिए बेहद खास भी है. जानें क्या है नाम के पीछे का राज और जगह की क्या विशेषताएं हैं.
आगरा में है घटिया आजम खां और माईथान स्थान, जानें क्यों पड़ा ऐसा नाम

आगरा. ताजनगरी आगरा में स्थित ऐसे कई इलाके है जिनका अपना ही अलग एक इतिहास है. इसी तरह एक इलाका है घटिया आजम खां. दरअसल इस इलाके का नाम घटिया आजम खां इस लिए पड़ गया कि यहां पर पहले एक घाटी हुआ करती थी. जहां पर खान-ए-आजम रहा करते थे. घाटी निचे होने के कारण इसे लोग घटिया से सम्बोधित करने लगे और समस्य के साथ यहां का नाम घटिया आजम खां पड़ गया.

वहीं जानकारी के अनुसार आगरा के इस जगह पर मुगल बादशाह जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर का एक वजीर रहा करता था. जिसका नाम था मिर्जा अजीज कोका. जिसकी हवेली घाटी में ही थी. उसे अकबर ने खान-ए-आजम कि उपाधि दी थी. पहले इस जगह पर घाटी होने कि वजह से आज भी बरसात में इस इलाके में जलभराव हो जाता है.

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वैसे तो घटिया आजम खां नाम मुग़ल काल से ही इसका पड़ गया था. अजीज मिर्जा कोका को खान-ए-आजम पदवी मिलने से पहले इस इलाको सिर्फ घाटी ही कहा जाता था. वहीं अब यहां पर आगरा की एक बड़ी फर्नीचर की मंडी है. यहां पर करीब 100 से भी ज्यादा फर्नीचर के बड़े शोरूम और दुकाने है. जहां पर लोहे की अलमारी, कांच की मेज से लेकर लकड़ी के फर्नीचर मिलते है.

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इसी तरह आगरा में माई थान नाम की एक जगह है. जो फुलट्टी और छिली ईंट की घटिया के बीच में स्थित है. यह इलाका भी मुगलकाल से विद्यमान है. इस जगह का इतिहास है कि यहां पर एक जस्सी नाम की एक महिला रहा करती थी. जिसे गुरु तेग बहादुर ने माई कहकर बुलाया था. जिसके बाद से उस स्थान को माई का स्थान कहा जाने लगा था. समय के साथ इसका नाम बदला और इसको माई का थाना कहा जाने लगा और बाद में इसे माईथान के नाम से जाना जाने लगा.

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