बेटे के आंसुओं को नहीं देख पाई मां, जासूस बन दो दिन में खोज निकाली चोरी की गई साइकिल

Swati Gautam, Last updated: Thu, 11th Nov 2021, 10:22 AM IST
  • आगरा में कमला नगर में बेटे की साइकिल चोरी होने पर मां ने जासूस बनने का ठाना और जासूस बन सीसीटीवी कैमरे की मदद से दो दिन के भीतर साइकिल को ढूंढ निकाला और अपने बेटे की खुशियां वापस लौटा दी.
बेटे के आंसुओं को नहीं देख पाई मां, जासूस बन दो दिन में खोज निकाली चोरी की गई साइकिल. file photo

आगरा. एक मां अपने बच्चे की आंख ने कभी आंसू नहीं देख सकती और अपने बच्चे की खुशी के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो जाती है. इसका जीता जागता उदाहरण आगरा के कमला नगर में देखने को मिला. जहां बेटा पार्क में खेलने गया तो किसी ने उसकी साइकिल चोरी कर ली. बेटे को वही साइकिल चाहिए थी इसलिए लगातार रोता रहा और खाना तक नहीं खाया. इस पर लड़के की मां ने ठान लिया कि अब वही साइकिल वे आपके बेटे के लिए लेकर रहेंगी और जासूस बन कर सीसीटीवी फुटेज की मदद से कड़ियों को जोड़ते हुए साइकिल चोरी करने वाले तक पहुंच गई. आखिर में मां ने कबाड़ की दुकान पर बिक चुकी साइकिल को बरामद करके बेटे की चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी.

यह मामला कमला नगर ब्रज विहार की कृष्णा कुंज कालोनी का है. यहां राहुल अग्रवाल अपने परिवार के साथ रहते हैं और दवा व्यापारी हैं. उन्होंने कहा कि मंगलवार को उनका सात साल का बेटा आदविक पार्क में खेलने गया था. वहां बाहर से किसी से उसकी साइकिल चुरा ली. बेटा बहुत दुखी हो गया और रोते रोते मां सोनल अग्रवाल को इसके बारे में बताया. साइकिल चोरी होने से दुखी बेटे ने खाना तक नहीं खाया. उन्होंने बेटे को दूसरी साइकिल दिलाने के लिए भी कहा मगर बेटा अड़ गया कि उसे अपनी पुरानी साइकिल ही चाहिए. जब तक नहीं मिलती वहा खाना नही खाएगा. इसके बाद सोनल ने खुद ही साइकिल ढूंढने की थाम और पार्क के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक पहुंच गईं.

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सीसीटीवी में सोनल ने देखा कि इसमें एक किशोर अपने साथी के साथ साइकिल लेकर जाता दिखा. दोनों की उम्र अधिक नहीं थी. इनमें एक स्कूल ड्रेस पहने था. स्कूल ड्रेस की मदद से सोनल ने किशोर का पता लगा लिया जो कि बल्केश्वर में रहता है. पूछताछ करने पर अपने साथी का नाम बता दिया. सोनल अग्रवाल साइकिल चोरी करने वाले किशोर तक पहुंच गईं. वहां पता चला कि उन्होंने साइकिल को ढाई सौ रुपये में कबाड़ी को बेच दी.

बुधवार की सुबह सोनल कबाड़ी की दुकान पर गई और अपने साइकिल वापस मांगी. कबाड़ी पहले तो साइकिल देने के नाम पर टालमटोल किया फिर सोनल ने पुलिस को बुला लिया, मामला चाेरी का होने का पता चलने पर कबाड़ी ने साइकिल लौटा दी. और एक मां ने अपने बेटे के चेहरे पे खुशी लौटा दी. वहीं साइकिल चोरी करने वाले किशोरों को अपनी गलती का अहसास हुआ तो व्यापारी ने मामले में किसी तरह की पुलिस कार्रवाई करने से मना कर दिया.

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