रक्तदान करने वाले 5393 लोगों में से 112 लोग निकल गंभीर रूप से बीमार

Smart News Team, Last updated: Mon, 22nd Feb 2021, 4:50 PM IST
  • आगरा में एक साल के भीतर करीब 5393 लोगों ने रक्तदान किया था, जिसमें से करीब 112 लोग गंभीर बीमारियों से पीड़ित पाए गए. इसमें मरीज हैपेटाइटिस, सिफलिस और एचआईवी के रोग से भी पीड़ित पाए गए थे.
रक्तदान (प्रतीकात्मक तस्वीर)

आगरा में एक साल के भीतर रक्तदान करने वाले 5393 लोगों में से करीब 112 लोग गंभीर बीमारियों से पीड़ित पाए गए. जहां कुछ मरीजों को हैपेटाइटिस, सिफलिस की बीमारी थी तो वहीं कुछ लोग एचआईवी के रोग से भी पीड़ित थे. बताया जा रहा है कि रक्तदान करने वाले ये सभी लोग अपनी बीमारी से अनजान थे. वहीं, जब रक्तदान करने पर एसएन मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में जांच हुई तो उसके बाद रक्तदान करने वालों को अपनी बीमारी के बारे में पहली बार पता चला.

इस बारे में बात करते हुए मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि 2020 में 5393 लोगों के रक्त की जांच की गई. इनकी उम्र 18 से 60 साल की रही. यह लोग ब्लड बैंक और शिविर में रक्तदान करने आए थे. जांच में हैपेटाइिटस-बी के 83 मरीज, सिफलिस के 16, हैपेटाइटिस के 10 और एचआईवी के तीन मरीज मिले. जांच के बाद जब इनको बीमारी की जानकारी दी गई तो वह खुद भी हैरान रह गए, क्योंकि इनको बीमारी के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी.

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रक्तदान करने वाले लोगों ने बताया कि कभी-कभार उन्हें दिक्कत और परेशानियां तो होती थीं, लेकिन वह लगातार इस परेशानी को नजरअंदाज करते रहे. वहीं, बीमारी की पुष्टि होने के बाद रक्तदाताओं को जानकारी देकर इलाज कराने की भी सलाह दी गई. बता दें कि रक्तदान करने वालों के रक्त की पांच बीमारियों की जांच अनिवार्य रूप से की जाती है. इसमें हैपेटाइटिस बी और सी, सिफलिस, एचआईवी और मलेरिया शामिल है. जिन मरीजों में एंटीबॉडीज बन जाती हैं, उसमें बीमारी का पता न्यूक्लिक एसिड टेस्ट से लगाया जाता है.

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