आगरा में पुराने बीमारों और बीपी-डायबिटीज वालों को बढ़ रहा कोरोना संक्रमण का खतरा

Smart News Team, Last updated: 03/08/2020 10:04 AM IST
  • आगरा में डॉक्टरों ने कहा है कि पुराने बीमारों और बीपी-डायबिटीज वालों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. उनमें कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है. 40-60 साल की उम्र वालों को ज्यादा सावधानी रखती होगी.
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आगरा में डॉक्टरों का कहना है कि 50 से अधिक उम्र वाले और यदी साथ में कोई बीमारी भी है तो उन्हें कोरोना संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है. ऐसा है तो बेहद सावधानी से बाहर जाएं. घर में घुसते समय सारे सुरक्षा साधनों का इस्तेमाल करें. इन लोगों से घर वालों को भी संक्रमित होने का खतरा भी बेहद ज्यादा है. इनमें अधिक उम्र वाले या सेवानिवृत्त हो चुके भी शामिल हैं. कहा गया है कि इन्हें भीड़ में या बाजार में जाने की जरूरत नहीं है. ये संक्रमित होने पर सीधे एल-2 या एल-3 श्रेणी के मरीज हो जाएंगे.

वहीं लोग अनलॉक में आराम से बाहर निकल रहे हैं लेकिन ये खतरा बढ़ने का संकेत है. लाखों लोग सड़कों, बाजारों, दफ्तरों और परिवहन के साधनों में हैं. इनमें से किसी को भी कोरोना संक्रमण हो सकता है. इनसे दूसरों को भी होने का खतरा है. एसएन मेडिकल कॉलेज में 40 से 60 साल तक के मरीज वेंटिलेटर पर गए हैं. वहीं 20 से 40 और 60 से 80 साल के पांच प्रतिशत लोगों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी है.

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गंभीर संक्रमितों में सबसे अधिक संख्या बीपी, शुगर, थायरायड वालों की है. 30 प्रतिशत के साथ बीपी सबसे अधिक, 29 प्रतिशत के साथ डायबिटीज के मरीज दूसरे नंबर पर रहे और 27 प्रतिशत के साथ थायरायड के मरीजों का इलाज भी एल-3 श्रेणी में करना पड़ा है. निमोनिया खतरनाक स्तर पर पहुंचने के कारण भी 20 प्रतिशत लोगों को गंभीर मरीज के रूप में चिन्हित किया गया.

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डॉक्टरों ने कहा कि वायरस कब, कहां, किस सतह से कपड़ों, जूतों, पर्स, बेल्ट, बैग या बालों से चिपक जाएगा, पता ही नहीं चलेगा. खुद भी संक्रमित हो सकते हैं. परिवार तक भी वायरस पहुंच सकता है. अब खतरा कई गुना बढ़ गया है. जरा सी लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है.

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