आगरा

सरकारी बाबुओं की अनदेखी... ऐसे हजम हो गई यमुना किनारे रोपी गई हरियाली

Smart News Team, Last updated: 03/06/2020 02:59 PM IST
  • आगरा में सरकारी बाबुओं की अनदेखी की वजह से यमूना किनारे रोपी गई हरियाली हजम हो गई। दरअसल, पिछले वर्ष मानसून में सरकारी योजना के तहत नगर निगम ने यमुना किनारे पौधरोपण किया गया था।
प्रतीकात्मक तस्वीर

पिछले वर्ष मानसून में सरकारी योजना के तहत नगर निगम ने यमुना किनारे पौधरोपण किया गया था। इसमें वाटर वर्क्स से लेकर आगरा किला तक करीब 35 हजार पौधों का लक्ष्य रखा गया था। नगर निगम अधकिारियों की अनदेखी की वजह से हजारों पौधे यमुना का जल स्तर बढ़ने के साथ ही बह गए थे। शहर में हो हल्ला मचा तो नगर निगम के तत्कालीन मुख्य अभियंता ने 12 हजार पौधों की जिम्मेदारी लेकर उन्हें दोबारा से लगवाने का वादा किया था लेकिन अभी तक एक पौधा नहीं रोपा गया है।

योगी सरकार के लक्ष्य के तहत नगर निगम ने यमुना किनारों को हरा भरा रखने के लिए पौधरोपण की योजना बनाई थी। यमुना की तलहटी में गड्ढे खोदे गए। उनमें खाद डाली गई। मेयर नवीन जैन ने पौधरोपण का अभियान का आगाज किया। यहां बड़ी संख्या में पौधे रोपे गए। नगर निगम के अधिकारी यह भूल गए कि मानसून के दौरान जब नदी का जलस्तर बढ़ेगा तो पौधों का क्या हश्र होगा।

बरसात हुई, धीरे-धीरे नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। वही हुआ जिसका डर था। यमुना की तलहटी में जहां पौधे रोपे थे अधिकांश पानी में बह गए। कुछ पानी में गल गए और जो किसी तरह बच पाए थे उन्हें वहां आने वाली भैंस, बकरी आदि चट गईं। नतीजा यह है कि वहां पौधरोपण के लिए खोदे गड्ढे तक नहीं बचे।

निगम की इस लापरवाही पर पार्षदों और शहर के पर्यावरणविदों ने शोरशराबा किया तो निगम के तत्कालीन मुख्य अभियंता एके सिंह ने माना करीब 12 हजार पौधे खराब हुए हैं। निगम का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि पौधों का भुगतान नहीं किया है। जितने पौधे खराब हुए हैं उनके स्थान उतने ही पौधे और रोपे जाएंगे। लेकिन अब फिर से मानसून आने वाला है लेकिन अभी तक पौधे नहीं लगाए हैं। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष कपिल वाजपेयी ने इस मामले पर सवाल खड़े किए हैं।

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